Rajasthan Assembly Bypolls: धरियावाद और वल्लभनगर में 30 अक्टूबर को मतदान, 2 नवंबर को नतीजे

Rajasthan Assembly Bypolls: राज्य में दो विधानसभा सीटों पर उप चुनाव की घोषणा हो गई है। केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने आज इनकी तारीखों का एलान किया। आयोग के अनुसार 30 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और 2 नवंबर को नतीजे आएंगे। इससे पहले एक अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

 

By: rahul

Updated: 28 Sep 2021, 11:56 AM IST

जयपुर। Rajasthan Assembly Bypolls: राज्य में दो विधानसभा सीटों पर उप चुनाव की घोषणा हो गई है। केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने आज इनकी तारीखों का एलान किया। आयोग के अनुसार 30 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और 2 नवंबर को नतीजे आएंगे। इससे पहले एक अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। आठ अक्टूबर तक नामांकन भरे जा सकेंगे। 11 अक्टूबर को नामांकन की जांच की जाएगी। 13 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 30 को वोट डाले जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता आज चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों से बैठक करेंगे।

दो विधायकों का हुआ था निधन
पिछले विधानसभा चुनावों में वल्लभनगर में कांग्रेस विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत और धरियावाद से भाजपा विधायक गौतमलाल चुने गए थे। दोनों विधायकों का निधन हो गया था। ऐसे में यहां अब उपचुनाव होंगे।

उम्मीदवारों को लेकर मशक्कत

दोनों सीटों में से वल्लभनगर में कांग्रेस और भाजपा के लिए उम्मीदवार का चयन करना एक चुनौती है। दोनों दलों में गुटबाजी के चलते पार्टी को उम्मीदवारी को लेकर गहन मशक्कत करनी पड़ेगी क्यों कि भीतरघात का खतरा बना रहेगा और चुनाव जीतना दोनों के लिए अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बन जाएगा। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा फूंक फूंक कर कदम उठा रहे है।

परिवार में विवाद से कांग्रेस संकट में

वल्लभनगर सीट पर वल्लभ नगर से जीते कांग्रेस विधायक गजेन्द्र शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत टिकट मांग रही है। वहीं गजेन्द्र सिंह के बड़े भाई देवेन्द्र शक्तावत भी टिकट के लिए अपनी दावेदारी जता रहे है। उन्होंने तो एलान भी कर दिया हैं कि यदि कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया तो वे निर्दलीय ही मैदान में उतर जाएंगे। शक्तावत ने पिछले दिनों अपने आरोप भी लगाए कि साल 2020 के पंचायत चुनाव में कांग्रेस पार्टी को 6 जिला परिषद सदस्य में से 5 पर हार देखनी पड़ी।

इसी तरह वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित 3 पंचायत समितियों वल्लभनगर, कुराबड़, भींडर में से एक पर भी कांग्रेस का प्रधान नहीं बन सका। निकाय चुनाव में भींडर नगरपालिका में गलत टिकट वितरण के चलते पार्टी हारी। यहीं नहीं लोकसभा चुनाव में वल्लभनगर विधानसभा में कांग्रेस 80 हजार वोटों से पीछे रही थी इसलिए कांग्रेस को अपना उम्मीदवार उन्हें बनाना चाहिए।

शक्तावत परिवार में से टिकट मिलना तय

कांग्रेस विधायक रहे गजेन्द्र शक्तावत कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता रहे गुलाब सिंह शक्तावत के पुत्र है। शक्तावत का इस क्षेत्र में काफी दबदबा रहा था। उनके निधन के बाद छोटे बेटे गजेन्द्र सिंह शक्तावत को साल 2008 में टिकट दिया गया और वे विधायक बने। इसके बाद 2013 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। गत विधानसभा चुनाव में वे एक बार फिर से विधायक बने थे। बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। सूत्रों का दावा हैं कि वल्लभनगर से शक्तावत के परिवार में से किसी को टिकट दिया जा सकता है।

भाजपा में भी कम नहीं संकट

ऐसा नहीं हैं कि ये संकट कांग्रेस में ही है, भाजपा में भी विवाद है। भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाबचंद कटारिया ने पहले ही कह दिया हैं कि वे जनता सेना के रणधीर सिंह भींडर को भाजपा का टिकट नहीं लेने देंगे। वहीं रणधीर सिंह ने कह दिया हैं कि वे निर्दलीय ही चुनाव लडेंगे। ऐसे में भाजपा के सामने ये संकट हैं कि भींडर चुनाव लडते हैं तो भाजपा उम्मीदवार को दिक्कत हो जाएगी। गत चुनाव में भाजपा उम्मीदवार तीसरे स्थान पर था। वहीं भींडर सिर्फ ढाई हजार वोट से चुनाव हारे थे।

धरियावाद में भी परिवारवाद

धरियावाद के भाजपा विधायक गौतमलाल के निधन के बाद भाजपा उनके परिवार में से किसी को उम्मीदवार बना सकती है। वहीं कांग्रेस अपने पुराने उम्मीदवार नगराज मीणा को टिकट दे सकती है। हाल ही में प्रतापगढ नगर परिषद की सभापति राम कन्या गुर्जर ने भाजपा को झटका देते हुए कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी इससे भाजपा को झटका लगा था।

BJP Congress
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