विधानसभा उपचुनाव में इनकी दावेदारी ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता, भाजपा कुनबे में भी ये बड़ा विवाद

राजस्थान विधानसभा के दो सीटों पर उप चुनाव के लिए इसी माह घोषणा हो सकती है।

By: rahul

Updated: 01 Aug 2021, 09:22 AM IST

जयपुर। राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly ) के दो सीटों पर उप चुनाव (ByElection) के लिए इसी माह घोषणा हो सकती है। निर्वाचन आयोग इसको लेकर जल्द ही तारीखों का एलान करेगा। वहीं इस संभावना को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा के टिकट के दावेदार उम्मीदवारी पाने के लिए सक्रिय हो गए है। वे अपने आकाओं से मिलकर टिकट की पैरवी कर रहे है। कांग्रेस ने तो इसके लिए समन्वय समिति का भी गठन कर दिया है और जल्द ही इसकी बैठक बुलाई जाएगी।

इन दो सीटों पर होंगे चुनाव—
प्रदेश में वल्लभ नगर और धरियावाद सीटों पर उपचुनाव कराया जाएगा। इन दोनों सीटों के विधायकों का निधन हो चुका है। वल्लभनगर में कांग्रेस के गजेन्द्र शक्तावत और धरियावाद में भाजपा के गौतमलाल मीणा चुनाव जीते थे। इनके निधन के बाद अब यहां उपचुनाव कराए जाएंगे।

टिकट के लिए इनकी दावेदारी— कांग्रेस में वल्लभग नगर से जीते विधायक गजेन्द्र शक्तावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे गुलाब सिंह शक्तावत के पुत्र थे। वे यहां से दूसरी बार विधायक बने थे। अब उनके निधन के बाद उनकी पत्नी प्रीति शक्तावत टिकट मांग रही है। वहीं गजेन्द्र सिंह के बड़े भाई देवेन्द्र सिंह शक्तावत भी टिकट के दावेदार है। इसके अलावा इनकेे ही परिवार में गजेन्द्र सिंह के भांजे राजसिंह झाला, शक्तावत के भाई कुबेर सिंह चावड़ा भी अपनी अपनी दावेदारी रख रहे है। वहीं उद्योगपति भीमसिंह चूंडावत, पूर्व सरपंच हुंकारलाल मेनारिया भी टिकट को लेकर दावेदारी कर रहे है।

टल गया था वल्लभनगर का चुनाव — वल्लभनगर सीट का चुनाव भी पहले तीन सीटों पर उपचुनाव के साथ ही कराया जाना था लेकिन निर्वाचन विभाग ने इसका चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया था। इसके बाद राजसमंद, सुजानगढ और सहाडा के चुनाव करा लिए गए थे।

वल्लभ नगर सीट को लेकर भाजपा में झगड़ा — वल्लभ नगर सीट पर भाजपा पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर रही थी। कांग्रेस ने भाजपा के बागी और जनता सेना के रणधीर सिंह को करीब तीन हजार से ज्यादा वोट से हराया था।जनता सेना के रणधीर सिंह वापस चुनाव लड़ने की तैयारी में है। प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया के चलते रणधीर सिंह को भाजपा का टिकट नहीं मिला था। इस बार भी कटारिया ने पहले ही बयान दे दिया कि रणधीर सिंह को टिकट नहीं लेने देंगे। उन्होंने ये भी कहा था कि वसुंधरा राजे के सीएम रहने के दौरान भी उन्हें टिकट नहीं लेने दिया था। इस पर रणधीर सिंह ने पलटवार करते हुए कहा था कि भाजपा से टिकट मांगा ही नहीं है। उन्होंने कटारिया को चुनौती दी थी कि दम है तो वे चुनाव लड़ लें।

धरियावाद में परिवार की उम्मीदवार की संभावना— भाजपा विधायक गौतमलाल मीणा के निधन के बाद इस सीट पर भाजपा उनके परिवार में से किसी को टिकट देने पर विचार का रही है ताकि जनता की सहानुभूति का कार्ड ले सके। कांग्रेस अपने पुराने उम्मीदवार नगराज मीणा को ही टिकट दे सकती है। मीणा अभी हाल ही में जयपुर आकर कई नेताओं से मिलकर गए है।

तीन सीटों पर सहानुभूति वोट ने पार लगाई — विधानसभा की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में जीते प्रत्याशी दिवंगत विधायकों के परिवार में से ही थे। इनमें दो सीटों मनोज मेघवाल, गायत्री देवी कांग्रेस और दीप्ति माहेश्वरी भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। सुजानगढ़ सीट से जीते मनोज कुमार, दिवंगत विधायक मास्टर भंवरलाल मेघवाल के पुत्र हैं, सहाड़ा सीट से जीतीं गायत्री देवी इसी सीट से दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी की पत्नी व राजसमंद सीट से जीती दीप्ति माहेश्वरी दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी की पुत्री हैं। भंवरलाल मेघवाल, कैलाश त्रिवेदी व किरण माहेश्वरी का निधन होने के कारण ही उक्त सीटें खाली हुई थीं। ऐसे में अब वापस ये ही कार्ड चलने की संभावना है।

BJP Congress
rahul Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned