उत्तर प्रदेश-बिहार के साथ राजस्थान में भी जनता ने दिया भाजपा को एक और झटका

उत्तर प्रदेश-बिहार के साथ राजस्थान में भी जनता ने दिया भाजपा को एक और झटका

Suresh Vyas | Publish: Mar, 14 2018 03:59:54 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

उत्तरप्रदेश व बिहार की तीन लोकसभा सीटों के साथ भाजपा को राजस्थान में भी लगा झटका

जयपुर। उत्तरप्रदेश व बिहार की तीन संसदीय सीटों पर हुए उपचुनाव ही नहीं भाजपा को राजस्थान के निकाय प्रमुखों व उपप्रमुखों के बुधवार को हुए चुनाव में भी झटका लगा है। इन निकायों में भाजपा के निर्वाचित सभापतियों व उपसभापतियों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आए थे। इन सभी में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। पिछले दिनों हुए निकायों के वार्ड सदस्यों तथा पंचायतों के चुनाव में भी भाजपा को भारी झटका लगा था।

राजस्थान में बुधवार को दौसा नगर परिषद के सभापति पद के लिए उपचुनाव हुआ था। इसमें कांग्रेस के पार्षद मुरली मनोहर शर्मा निर्विरोध सभापति चुने गए। भाजपा के निर्वाचित सभापति राजकुमार जायसवाल को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाया गया था। सभापति पद के लिए बुधवार को हुए चुनाव में भाजपा की ओर से कोई भी पार्षद नामांकन पत्र तक भरने नहीं पहुंचा।कांग्रेस के पार्षद शर्मा ने अकेले ही नामांकन पत्र दाखिल किया। हालांकि उनकी पार्टी का सिम्बल भी नहीं पहुंच पाया। ऐसे में उन्हें निर्दलीय के रूप में परचा भरना पड़ा। जांच में उनका नामांकन सही पाए जाने पर उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। ताज्जुब की बात है कि भाजपा के तीन पार्षद तो कांग्रेस पार्षद शर्मा की सभापति पद पर दावेदारी के प्रस्तावक भी बने।

 

 

 

किरोड़ी का गृह जिला

दौसा हाल ही भाजपा में शामिल हुए राजपा के नेता डॉ. किरोड़ीलाल मीणा का गृह जिला है। वे जिले की लालसोट विधानसभा सीट से विधायक भी हैं। उनकी घर वापसी के बाद से भाजपा उत्साहित है, लेकिन किरोड़ी के गृह जिले में ही शुरुआत निकाय प्रमुख का पद गंवाने से हुई है।

 

 

 

बारां में भी गई कुर्सी

भाजपा के बारां नगर पालिकाध्यक्ष की कुर्सी भी गंवानी पड़ी। बारां में कांग्रेस के पार्षद गौरव शर्मा को पालिकाध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। वहां भी भाजपा की ओर से सभापति पद के लिए कोई नामांकन नहीं किया गया और शर्मा के निर्विरोध निर्वाचन की राह आसान हो गई।

सांचौर में भी बगावत

भाजपा को जालोर जिले की सांचौर नगर पालिका में भी सभापति पद गंवाना पड़ा। वहां भाजपा के पार्षदों ने बगावत कर निर्वाचित सभापति को हटा दिया। सभापति पद भरने के लिए बुधवार को हुए चुनाव में बागियों की ओर से प्रत्याशी बनाई गई नीता मेघवाल निर्विरोध चुनी गई।

बयाना में अविश्वास प्रस्ताव पारित

भरतपुर जिले की बयाना नगर पालिका के निर्वार्चित अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। वहां पालिका के 25 में से 22 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान कर भाजपा को बड़ा झटका दिया। अब वहां पालिकाध्यक्ष के पद के लिए उपचुनाव करवाया जाएगा। इसमें भी जाहिर है कि भाजपा को बागी पार्षदों में से ही किसी एक को सभापति चुनना पड़ेगा।

पहले भी लग चुका झटका

स्थानीय निकायों और पंचायत उपचुनावों में भाजपा को पहले भी झटका लग चुका है। गत 7 मार्च को हुए उपचुनावों में निकायों के पार्षदों के 6 स्थानों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस को 4 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा को दो सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। इसी तरह जिला परिषद सदस्यों के 6 स्थानों के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को मात्र एक सीट हासिल हुई, जबकि चार पर कांग्रेस और एक पर निर्दलीय जीता। पंचायत समिति सदस्यों के 20 पदों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने 12 सीटें जीतकर भाजपा को झटका दिया था। इन उपचुनावों में भाजपा को मात्र सात सीटें मिली, जबकि एक पर निर्दलीय ने कब्जा किया।

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