प्रदेश में जल्द होगा एंटीजन टेस्ट का परीक्षण


जयपुर, 26 जून। प्रदेश में जल्द ही एंटीजन टेस्ट का परीक्षण होगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड 19 की अधिक से अधिक जांच के लिए आईसीएमआर की गाइडलाइंस तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय के अनुरूप प्रदेश में एंटीजन टेस्ट का परीक्षण शीघ्र किया जाए।

By: Prakash Kumawat

Published: 26 Jun 2020, 08:03 PM IST

प्रदेश में जल्द होगा एंटीजन टेस्ट का परीक्षण
मृत्यु दर लगातार कम करना हमारा लक्ष्य: गहलोत

जयपुर, 26 जून। प्रदेश में जल्द ही एंटीजन टेस्ट का परीक्षण होगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड 19 की अधिक से अधिक जांच के लिए आईसीएमआर की गाइडलाइंस तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय के अनुरूप प्रदेश में एंटीजन टेस्ट का परीक्षण शीघ्र किया जाए।

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि एंटीजन परीक्षण का परीक्षण उपयुक्त पाया जाता है तो हमें जांच का दायरा बढ़ाने और शीघ्र रिपोर्ट प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना से मृत्यु दर को निरंतर कम करते हुए न्यनूतम स्तर पर लाना हमारा लक्ष्य है। इस दिशा में चिकित्सक समुदाय अपने अनुभवों का उपयोग करते हुए उचित समाधान तलाशें।
गहलोत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो काॅन्फ्रेंस के जरिए मेडिकल काॅलेजों की फैकल्टी, प्रदेश भर के नामी चिकित्सकों सहित जांच विशेषज्ञों से चर्चा की। चर्चा में 100 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों शामिल हुए और कारेोना की जांच, उपचार, बचाव सहित अन्य पहलुओं पर सुझाव दिए।

कोरोना रोगियों की डैथ आॅडिट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना को नियंत्रित रखने में चिकित्सक समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य में कोरोना रोगियों की डैथ आॅडिट भी करवाई जा रही है, ताकि हम मौत के वास्तविक कारणों तक पहुंच सकें और इस अध्ययन का उपयोग कोरोना की रोकथाम में किया जा सके। सावधानी ही इस रोग से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है। आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया है। समाज के सभी वर्ग, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, सरकारी विभाग, स्वयंसेवी सगंठन आदि इस अभियान में बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना को लेकर आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कोरोना के साथ-साथ हमें मौसमी बीमारियों का भी सामना करना होगा। चिकित्सा विभाग इसके लिए पूरी तैयार है। अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एव ं

एसीएस चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने कहा कि एटंीजन टेस्ट का जल्द ही परीक्षण करवा लिया जाएगा। इसके लिए आईसीएमआर से 200 टेस्ट किट भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के साथ-साथ प्रदेश में चौथी एक्टिव सर्विलांस अभियान शुरू किया गया है। राज्य में इस बीमारी से ठीक होने की दर निरन्तर बढ़ रही है। अब यह 78.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है जो देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक है।
राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. राजाबाबू पवार तथा एसएमएस मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुधीर भंडारी ने कहा कि अच्छे परिणाम आने पर एटंीजन टेस्ट से जांच में आसानी होगी। डाॅ. एसआर धारकर, डाॅ. नरपत सिंह, डाॅ. पीसी डांडिया, डाॅ. वीरेन्द्र सिंह, डाॅ.एमएल स्वर्णकार, डाॅ. एमएल सोनगरा सहित विभिन्न वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी विचार व्यक्त किए।
बैठक में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी अभय कुमार, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया तथा सचूना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी भी मौजूद थे।
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