राजस्थान यूनिवर्सिटी लोक प्रशासन विभाग एचओडी की नियुक्ति आदेश रद्द

(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने (Rajasthan University) राजस्थान यूनिवर्सिटी के (Public Adminsitration Deptt) लोक प्रशासन विभाग में (HOD) एचओडी पद पर डाॅ. शालिनी चतुर्वेदी की (Appointment) नियुक्ति करने के 22 अप्रैल 2019 के आदेश को नियमों के विपरीत मानते हुए (Quashed) रद्द कर दिया है।

By: Mukesh Sharma

Updated: 02 Apr 2020, 08:15 PM IST

जयपुर,2 अप्रेल
(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने (Rajasthan University) राजस्थान यूनिवर्सिटी के (Public Adminsitration Deptt) लोक प्रशासन विभाग में (HOD) एचओडी पद पर डाॅ. शालिनी चतुर्वेदी की (Appointment) नियुक्ति करने के 22 अप्रैल 2019 के आदेश को नियमों के विपरीत मानते हुए (Quashed) रद्द कर दिया है। कोर्ट ने एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ओमप्रकाश महला को एचओडी के तौर पर काम करते रहने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि अस्थाई सेवा वाले को एचओडी नहीं बनाया जा सकता। डॉ. चतुर्वेदी प्रोबेशन पर कार्यरत हैं और स्थाई नहीं हुई हैं। इसलिए बतौर एचओडी उनकी नियुक्ति अनाधिकृत है। जस्टिस एसपी शर्मा ने यह आदेश डॉ. ओमप्रकाश महला की याचिका मंजूर करते हुए दिया।
कोर्ट ने पूर्व में एचओडी पद पर असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक सिंह की नियुक्ति को भी गलत माना है। याचिकाकर्ता का कहना था कि यूनिवर्सिटी के अध्यादेश में प्रावधान है कि दो साल का प्रोबेशनकाल पूरा होने तक स्थाई सेवा नहीं मानी जाती। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने 22 अप्रैल 2019 के आदेश से एचओडी पद पर प्रोबेशन पर कार्यरत शिक्षिका शालिनी चतुर्वेदी की नियुक्ति कर दी और यह यूनिवर्सिटी के नियमों के विपरीत है। इसलिए एचओडी पद पर हुई उनकी नियुक्ति रद्द की जाए। दरअसल एचओडी पद पर 2015 में डॉ. महला की नियुक्ति हुई थी। लेकिन उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही यूनिवर्सिटी ने पहले असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक सिंह और बाद में प्रोबेशन पर कार्यरत डॉ. शालिनी को एचओडी बना दिया और डॉ. महला ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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