तीन सौ परिवारों के अरमान मिट्टी में मटियामेट

भारी बारिश के बाद आई मिट्टी में घर-सामान सब दबा, दिल्ली रोड स्थित लाल डूंगरी के लोगों को नहीं मिला मुआवजा

By: Amit Pareek

Updated: 15 Sep 2020, 10:15 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर. दिल्ली रोड स्थित लाल डूंगरी में भारी बारिश के बाद हुई बर्बादी को एक महीना बीत चुका है। आपदा के बाद 10 दिन तक प्रशासन जोर-शोर से राहत कार्य में लगा रहा। प्रभावित परिवारों को खाना और आवास तक मुहैया कराया। मानसून के साथ-साथ प्रशासन भी आपदा को भूल रहा है। लेकिन यहां रहने वाले पीड़ितों के जख्म आज भी हरे हैं। सालों मेहनत कर बनाया घर और सामान आज भी मिट्टी में दबा है। प्रशासन ने करीब 360 प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की। लोगों से दस्तावेज और अकांउट नंबर ले गए। लेकिन आज तक सहायता नहीं मिली। अब घर उजड़ जाने के कारण करीब 300 परिवार किराए पर रह रहे हैं। वाहन खराब हो जाने से रोजगार छीन गया। घर के पुरुष आर्थिक तंगी से परेशान होकर शराब का सेवन कर रहे हैं। मासूम मजदूरी कर रहे हैं। राजस्थान पत्रिका टीम लालडूंगरी पहुंची। घरों में जाकर उनकी आपबीती सुनी। नजारें हैरान करने वाले थे। बर्बादी के निशां बस्ती में नजर आ रहे हैं और दर्द पीड़ितों की जुबां पर। भारी बारिश के साथ आई मिट्टी बस्ती की सीवरेज लाइन में भर गई। बस्ती के रास्तों से तो मिट्टी हटा दी है लेकिन सीवरेज से नहीं। हालात ये हैं कि बस्ती की पूरी सीवरेज लाइन जाम है। घरों में गंदा पानी घुस रहा है। बस्ती की बहू-बेटियां मजबूरन शौच के लिए जंगल जा रही हैं। यहां उन्हें सुरक्षा का खतरा सता रहा है।

जानिए पीड़ितों की जुबानी उनकी पीड़ा
किराए पर रहने की मजबूरी
फरीदा बानो का घर पहाड़ के पास है। आपदा के दौरान घर के साथ बेटियों के दहेज का सामान मिट्टी में दब गया। प्रशासन ने बीच रास्तों से तो मिट्टी हटा ली, लेकिन घरों से नहीं। अपना घर छोड़कर फरीदा परिवार के साथ बस्ती में ही किराए पर रह रही है। इतने पैसे नहीं कि अपने उजड़े घर को फिर से रहने लायक बना ले। प्रशासन से कोई सहायता नहीं मिली।

अब घर खर्च भी मुश्किल
बस्ती में रहने वाले किशोर ई रिक्शा चलाकर परिवार का पेट भरता था। आपदा के बाद वाहन मिट्टी में दबकर खराब हो गया। अब घर का खर्च चलाने के भी पैसे नहीें है। मजदूरी कर परिवार के लोगों का पेट पाल रहा है। महिलाओं का कहना है कि रोज खाता चैक करते हैं, लेकिन सरकार ने पैसा नहीं दिया।

छूट गई बस्ती
सालों से ईश्वर लाल ने मजदूरी कर छोटा सा घर तैयार किया। भारी बारिश में पूरा घर ढह गया। मिट्टी में घर दबा है। लेकिन अब इतने पैसे नहीं कि घर को फिर से तैयार कर सके। मजबूरी में घर को छोड़ दिया। अब बस्ती छोड़कर दूसरी जगह किराए पर रह रहा है।

लाल डूंगरी में काम लगभग पूरा हो चुका है। मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया पूरी हो गई। आजकल में जारी कर दी जाएगी। कोरोना से संक्रमित होने के कारण कर्मचारी नहीं आए थे, इसीलिए थोड़ी देरी हो गई।
अंतर सिंह नेहरा, कलक्टर जयपुर

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