जवान लड़कियां थी आसाराम की सबसे बड़ी कमजोरी, जानिए उस रात कैसे बन गया था हैवान

जवान लड़कियां थी आसाराम की सबसे बड़ी कमजोरी, जानिए उस रात कैसे बन गया था हैवान।

By: santosh

Published: 25 Apr 2018, 03:57 PM IST

जयपुर/अहमदाबाद। नाबालिग शिष्या से दुष्कर्म के मामले में आसाराम को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष एससी-एसटी कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने बुधवार सुबह सेंट्रल जेल में कोर्ट लगाकर फैसला सुनाया। जोधपुर की जेल में बंद आसाराम के दो सहयोगियों को अदालतन 20-20 साज जेल की सजा सुनार्इ है। फैसले और सजा के खिलाफ आसाराम राजस्थान हाईकोर्ट में अपील कर सकता है। यदि ऊपरी अदालत में भी यह फैसला बरकरार रहा ताे आसाराम को पूरा जीवन जेल में गुजारना होगा।

जवान लड़कियां आसाराम की सबसे बड़ी कमजोरी
बलात्कार के आरोप में जेल की हवा खा रहे नारायण साईं को लेकर उनकी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए थे। जानकी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि नारायण साईं के कई महिलाओं के साथ अवैध संबंध थे। आपको बता दें कि नारायण साई के पिता आसाराम काे नाबालिग शिष्या से दुष्कर्म के मामले में काेर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनार्इ है। इस खबर में हम उस पीड़िता के बयान को एक बार फिर आपके सामने रख रखे हैं, जिसने आसाराम पर बलात्कार का आरोप लगाया था।

हमेशा नए चेहरों की तलाश में रहता था
आसाराम पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक जवान लड़कियां आसाराम की सबसे बड़ी कमजोरी है। वह हमेशा नए चेहरों की तलाश में रहता है। पीड़िता के मुताबिक 1988 में सत्संग के दौरान आसाराम ने उसे एक पुस्तक और सेब दिया। आसाराम ने कहा कि पुस्तक पढ़ने के बाद दोबारा मिलना। जब वह दोबारा शिविर में पहुंची तो आसाराम के दो साधकों धेल और वग्लो ने बताया कि मुझे दिया गया सेब काफी स्पेशल है। इसे खा लो। बापू तुम्हें
अच्छी उपदेशिका बनाना चाहते हैं।

दोनों को एक-एक कर अपने कमरे में बुलाया
अगले साल पीड़िता ने सूरत के एक शिविर में हिस्सा लिया। जब शिविर खत्म हुआ तो आश्रम का मैनेजर धु्रव उसे आसाराम की पत्नी लक्ष्मी के पास ले गया। लक्ष्मी ने पीडिता की मां से बात की और कहा कि मुझे आश्रम में ही रहने दें। इसके बाद पीडिता को अहमदाबाद ले जाया गया। 2001 में आसाराम के दोनों साधक 10 अन्य लड़कियों के साथ उसे आसाराम के फॉर्म हाउस (शांति वाटिका) पर ले गए। वहां आसाराम ने मुझे और एक अन्य लड़की को चुना।

2001 में गुरू पूर्णिमा के बाद आसाराम की बेटी भारत ने पीड़िता को फोन किया। उसने कहा कि बापू ने तुम्हें और दूसरी लड़की को फॉर्म हाउस पर बुलाया है। दोनों फॉर्म हाउस पर चली गई। आसाराम ने दोनों को एक-एक कर अपने कमरे में बुलाया। पहले दूसरी लड़की गई जो 10 मिनट बाद बाहर आ गई। जब पीड़िता कमरे में गई तब आसाराम बिस्तर पर लेटा हुआ था। आसाराम ने पीडिता को घी से मसाज करने को कहा। इस दौरान आसाराम ने छेड़खानी शुरू कर दी।

आसाराम ने कहा, तुम्हें बचाने के लिए कोई नहीं आएगा
पीड़िता ने विरोध किया तो आसाराम ने कहा कि मैं तुम्हें बड़ी उपदेशिका बनाना चाहता हूं। तुम्हारी किस्मत में यही लिखा है। इसके लिए तुम्हारी घरेलू जिंदगी को खत्म करना होगा। पीडिता आसाराम के सामने मिन्नतें करने लगी, इससे आसाराम भड़क गया। उसने पीड़िता को बिस्तर पर लिटा दिया और उसके कपड़े फाड़ दिए। पीड़िता ने भागने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाई। आसाराम ने कहा कि तुम्हें बचाने के लिए कोई नहीं आएगा। इसके बाद आसाराम ने उससे बलात्कार किया।

आसाराम ने उसे खून से सने कपड़े साफ करने को कहा। जब वह बाथरूम से आई तो आसाराम ने कहा कि किसी को कुछ मत बताना। अगर बताया तो मैं तुम्हें जलाकर राख कर दूंगा। इसके बाद भारती उसे आश्रम ले गई। वहां पहले से ही आसाराम के साधक बैठे थे। वे पीडिता को देखकर हंसने लगे। उन्होंने पीडिता से पूछा कि तुम्हारा कुर्ता कहां और बापू कहां है। इस घटना के बाद पीडिता उपदेशिका बन गई और प्रवचन करने लगी। आश्रम में कुछ वक्त रहने के बाद वह आश्रम से भाग गई।

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