आसाराम के वकील ने कहा- मीडिया के दवाब में लिया गया फैसला, हाईकोर्ट में करेंगे अपील

आसाराम के वकील ने फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि फैसला मीडिया के दबाव में लिया गया है।

By: santosh

Published: 25 Apr 2018, 05:10 PM IST

जोधपुर। जोधपुर के मणाई आश्रम में आसाराम के यौन शोषण की शिकार नाबालिग के पिता ने न्यायालय के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि इससे दुराचार करने वालों को कड़ा संदेश मिलेगा।

अनुसूचित जाति जनजाति अधिनयम न्यायालय के न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा के आसाराम को उम्र कैद की सजा सुनाने के बाद पीड़िता के पिता से जब मीडिया ने प्रतिक्रिया पूछी तब उन्होंने कहा कि फैसले से दुराचारियों को यह संदेश मिला है कि किसी की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया गया तो वह बच नहीं पाएगा।

उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं अपनी बेटी को न्याय दिला पाया। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा दिया गया यह फैसला न केवल उनके बल्कि उन गवाहों के प्रति भी न्याय है जिन्होंने बगैर भयभीत हुए सत्य के लिए संघर्ष किया। पीड़िता के वकील ने अदालत में एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने का प्रार्थना पत्र भी दिया है।

सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में करेंगे अपील
आसाराम के वकील ने फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह फैसला मीडिया के दबाव में लिया गया है। हम फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने कहा कि हम अपनी कानूनी टीम से सलाह लेंगे। इसके बाद ही आगे की रणनीति तय होगी। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। इससे पहले सजा सुनकर आसाराम पहले रोने लगा। फिर उसने कहा कि जैसी ऊपर वाले की मर्जी। हम जेल में ही रहेंगे।

आसाराम काे उम्रकैद से लाखाें समर्थक स्तब्ध
यौन दुराचार करने के आरोप में आसाराम उर्फ आसूमल सिरूमलानी को बुधवार को जोधपुर की सेंट्रल जेल में बनाई गई अस्थाई कोर्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एससीएसटी कोर्ट के जज मधुसुदन शर्मा ने आसाराम को आईपीसी की धारा 342, 354, 370, 376 (2) 376 (डी) 506 , 509, 34, 120 बी और पॉक्सो एक्ट की धारा 5,6,7 और 17 के के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 1 लाख रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई।

आसाराम मृत्यु पर्यन्त जेल में रहेंगे। जबकि अन्य आरोपी शरद व शिल्पी को बीस-बीस साल की कारावास व 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। प्रमुख सेवादार शिवा व रसोइयां प्रकाश को संदेह के लाभ में बरी किया गया है। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पिछले 56 माह से सेंट्रल जेल में बंद आसाराम यह सजा सुनते ही मायूस हो गया।

फैसले की बहस में आसाराम के वकील सज्जनराज सुराणा ने उम्र को देखते सजा कम करने की अपील की, वहीं पीडि़ता के वकील पीसी सोलंकी ने आसाराम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की अपील की। फैसला देने के बाद कड़ी सुरक्षा में जज व वकीलों को जेल से रवाना किया गया। इस बीच सुबह से ही जेल सहित शहर भर में भारी जाप्ता लगाया गया। दर्जनभर से अधिक समर्थकों को पुलिस ने विभिन्न जगहों से पकड़ा है।

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