Asha Dashmi Vrit - इच्छापूर्ति के लिए सबसे अच्छा है यह व्रत

इच्छापूर्ति के लिए यह सबसे अच्छा व्रत माना जाता है. हालांकि यह व्रत लंबा चलता है, मान्यता है कि कम से कम छह मास, एक वर्ष या दो वर्ष के लिए यह व्रत करना चाहिए।

By: deepak deewan

Published: 29 Jun 2020, 12:45 PM IST

जयपुर.
30 जून को आषाढ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, इस दिन आशा दशमी व्रत किया जाता है।
इच्छापूर्ति के लिए यह सबसे अच्छा व्रत माना जाता है. हालांकि यह व्रत लंबा चलता है, मान्यता है कि कम से कम छह मास, एक वर्ष या दो वर्ष के लिए यह व्रत करना चाहिए। जब तक मनोकामना पूर्ण न हो इस व्रत को नियमित रूप से करते रहना चाहिए। जब मनोकामना पूर्ण हो जाए इस व्रत का विधि विधान से उद्यापन भी करना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक दीक्षित बताते हैं कि किसी भी मास में शुक्ल पक्ष की दशमी को इस व्रत को प्रारंभ किया जा सकता है पर आषाढ़ शुक्ल दशमी तिथि का विशेष महत्व है. इस दिन व्रत प्रारंभ कर प्रतिमाह शुक्ल पक्ष की दशमी को व्रत करने से सारी आशाओं की पूर्ति होती है। यही इस कारण है कि इसे आशा दशमी कहते हैं। इस दिन माता पार्वती का पूजन किया जाता है।

ऐसे करें पूजन
दशमी के दिन सुबह जल्दी उठकर शुद्ध स्थान पर इंद्रादि देवताओं और देवियों के चित्र रखें। फिर उनका चन्दन, गंध, धूप, पुष्पादि से पूजन कर उन्हें घृत निर्मित नैवेद्य और ऋतु फल अर्पित कर दीप जलाएं। इस व्रत में व्रती को अपने आंगन में दसों दिशाओं की पूजा करनी चाहिए। दसों दिशाओं में घी के दीपक जलाकर धूप दीप, फल आदि समर्पित करना चाहिए।

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