डूंगरपुर हिंसा पर बोले सीएम गहलोत- कानून को हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के डूंगरपुर में मांगों को लेकर हुए उपद्रव एवं हिंसा प्रदर्शन को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि कानून को अपने हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है।

By: kamlesh

Published: 25 Sep 2020, 02:50 PM IST

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के डूंगरपुर में मांगों को लेकर हुए उपद्रव एवं हिंसा प्रदर्शन को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि कानून को अपने हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है।

गहलोत ने शुक्रवार को ट्वीट कहा कि डूंगरपुर में उपद्रव एवं हिंसा प्रदर्शन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विरोध करने के संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल हो, शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो लेकिन कानून को अपने हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।

उधर, डूंगरपुर में शुक्रवार दूसरे दिन भी उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर प्रदर्शनकारियों का उपद्रव जारी रहा और उपद्रवियों से हाईवे खाली कराने पहुंची पुलिस पर पहाड़ी से पथराव किया गया। सुबह पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर उपद्रवियों को पीछे खदेड़ा और फंसे हुए वाहनों को निकाला गया।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया हैं और क्षेत्र में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। स्थिति पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। प्रशासन प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करने का प्रयास कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि शिक्षक भर्ती के अनारक्षित 1167 पदों को अनुसूचित जन जाति वर्ग से भरने की मांग को लेकर कांकरी डूंगरी पहाड़ी पर गत सात सितंबर से चल रहा अभ्यर्थियों का प्रदर्शन गुरुवार को उग्र हो गया और कई अभ्यर्थी उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर आ गए।

रात में प्रदर्शनकारियों की संख्या एक हजार से अधिक पहुंच गई और उपद्रव करना शुरु कर दिया। हाईवे पर पत्थर डालकर उसे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस की गाड़ी सहित अन्य सरकारी वाहनों को आग लगा दी। पथराव में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपाधीक्षक, थानेदार सहित करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

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