CM गहलोत ने चेताया, कोरोना की दूसरी लहर बहुत घातक, जनता से की अपील

राजस्थान में 10 मई से 24 मई तक लागू होने वाले लॉकडाउन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना की दूसरी लहर बहुत घातक है, इस बार गांव तक पहुंच गई है।

By: santosh

Updated: 09 May 2021, 10:37 AM IST

जयपुर। राजस्थान में 10 मई से 24 मई तक लागू होने वाले लॉकडाउन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना की दूसरी लहर बहुत घातक है, इस बार गांव तक पहुंच गई है। युवा बच्चे एवं गर्भवती महिलाएं भी संक्रमित हो रहे हैं।

लॉकडाउन चल रहा है। कोरोना प्रोटोकॉल की पालना करें घर में ही रहें। दूसरों को भी यही सलाह दें तभी संक्रमण की चेन टूटेगी जो लापरवाह है उन्हें टोकें, उन्हें रोकें। मुख्यमंत्री ने लिखा कि उन्हें रोको-टोको, जिन्होंने मास्क नहीं पहना है वो ही सबको कोरोना फैलाएगा।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना जानलेवा भी है तेजी से फैल रहा है, इस बार मृत्यु दर अधिक है। तीन-चार दिनों में फेफड़े काम करना बंद कर सकते हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनता से अपील भी की है कि सरकार, प्रशासन, पुलिस तभी सफल होंगे जब आप सभी नागरिक जिम्मेदारी से महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन लॉकडाउन की गाइडलाइन की स्वयं पालना करेंगे।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार रात को वीसी के जरिए हुई कोविड समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विदेश से कोरोना वैक्सीन मंगाने पर विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर नियंत्रण और जीवन रक्षा के लिए वैक्सीनेशन को गति देने की जरूरत है। लेकिन केंद्र से कम मात्रा में आ रही वैक्सीन के कारण वैक्सीनेशन अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है। ऐसे में वैक्सीन उपलब्धता के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में कोरोना वायरस की जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए एसएमएस अस्पताल में जांच सुविधा जल्द शुरू की जाएगी। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली स्थित आइसीएमआर की लैब में करीब 1800 सैम्पल भेजे गए थे। इनमें से 689 सैम्पल की रिपोर्ट प्राप्त हुई है और 32 सैम्पल में यूके वैरियंट मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना रोग के इलाज में जीनोम सिक्वेंसिंग का विशेष महत्व है। चिकित्सा विशेषज्ञ वायरस की प्रकृति का समुचित अध्ययन करें, ताकि उसके अनुरूप बचाव के तमाम प्रयास अमल में लाए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे और दवा किट के वितरण के काम को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जाए। जिन जिलों में संक्रमण के कारण ज्यादा मौत हो रही हैं, वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजकर ऑडिट करवाया जाए। गहलोत ने कहा कि पल्स ऑक्सीमीटर की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें मिल रही हैं। चिकित्सा विभाग इसकी जांच कराए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। गहलोत ने कहा कि दूसरी लहर के साथ-साथ विशेषज्ञ तीसरी लहर की भी आशंका जता रहे हैं। उनके अनुसार तीसरी लहर और अधिक घातक हो सकती है और बच्चों में इसका अधिक प्रसार होने की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए बच्चों के अस्पतालों में उपचार की व्यवस्थाएं पुख्ता की जाएं।

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