अस्थमा ही नहीं, हृदय रोग में भी फूलने लगती सांस

हार्ट जब ब्लड को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता है तो यह लंग्स में इक्ट्ठा हो जाता है। इससे लेटते समय सांस भरने की समस्या होती है।

By: Archana Kumawat

Updated: 17 Apr 2021, 08:15 PM IST


कुछ लोगों को रात में सोते समय सांस लेने में समस्या होने लगती है। कुछ देर उठकर ठहरने से आराम महसूस होता है। ऐसे में लोग इसे अस्थमा का लक्षण समझ लेते हैं। लेकिन यह गंभीर हृदय की समस्या हो सकती है। इसे नजरअंदाज न करें।
40 बाद बढ़ा जोखिम
हार्ट जब ब्लड को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता है तो यह लंग्स में इक्ट्ठा हो जाता है। इससे लेटते समय सांस भरने की समस्या होती है। बुजुर्गों में यह समस्या देखी जा सकती है लेकिन बदलती जीवनशैली से अब 40 की उम्र के बाद भी इसके संकेत मिल रहे हैं। मोटापा भी एक वजह है।

रात में सांस की समस्या
हृ दय रोग की वजह से सांस फूलने की समस्या रात में अधिक होती है। कई बार सोने के एक से दो घंटे बाद सांस फूलने लगती है। साथ ही घबराहट और बेचैनी भी है तो इसे नजरअंदाज न करें। ये हार्ट फेल्योर के संकेत है। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

रक्त की करवाएं जांच
सोने पर सांस की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह से ईसीजी, इको और एक्सरे करवाएं। यदि ये सभी जांचें सामान्य हैं तो ब्लड की जांच एनटी-प्रो बीएनपी करवाएं। इससे हार्ट की समस्या का पता लग जाएगा। ऐसे में उचित इलाज लें।

कम लें तरल पदार्थ
इस समस्या के मरीज दिनभर में 1200 से 1500 एमएल से अधिक तरल पदार्थ न लें। नमक का प्रयोग कम करें। डॉक्टर की सलाह से हैल्दी डाइट लें और फिजिकल एक्टिविटी करें। अपना वजन भी कंट्रोल रखें।

डॉ. आर. एस. मीना
एसोसिएट प्रोफेसर (कार्डियोलॉजी), गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल

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