एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप, स्कल्पचर एग्जिबिशन और प्ले का हुआ आयोजन


जेकेके पर बनी डॉक्यूमेंट्री की हुई स्क्रीनिंग

By: Rakhi Hajela

Published: 08 Apr 2021, 08:00 PM IST


जयपुर,
जवाहर कला केंद्र प्रदेश की कला और संस्कृति का प्रमुख केन्द्र है, यह कलाकारों एवं कला प्रेमियों के लिए मंदिर की तरह एक पवित्र स्थान है। गत 28 सालों में यहां राज्य के साथ.साथ देश और विदेश के आर्टिस्ट ने अपनी कला और कलाकृतियों के प्रदर्शन से इसकी शान में चार चांद लगाए हैं। ये बात कला,साहित्य एवं संस्कृति मंत्री डॉ.बीडी कल्ला ने गुरुवार को जवाहर कला केंद्र के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के शुभारम्भ अवसर पर कही।
उन्होंने कहा कि जेकेके की स्थापना देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के सपनों को मूर्त रूप देने की सोच के साथ की गई। पंडित नेहरू स्वयं खेल, कला और साहित्य प्रेमी थे। उन्होंने देश के सर्वांगीण विकास की दिशा में दूरगामी सोच के साथ योगदान किया।
उन्होंने कहा कि वे एक बार भोपाल में मुख्य सचेतकों के सम्मेलन में गए थे, तब वहां भारत भवन को देखा। वहां से आने के बाद मुख्यमंत्री से जयपुर में भारत भवन से भी अच्छा भवन बनाने के बारे में चर्चा की। इसके बाद चाल्र्स कोरिया को जवाहर कला केन्द्र के निर्माण का नक्शा बनाने के लिए नियुक्त किया गया था। इस दौरान जेकेके की महानिदेशक मुग्धा सिन्हा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप कम हैंड्स ऑन प्रैक्टिस
समारोह की शुरुआत कृष्णायन में एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप कम हैंड्स ऑन प्रैक्टिस के साथ हुई। वर्कशॉप का संचालन फोटोग्राफर अंचित नाथा ने किया। इस वर्कशॉप का उद्देश्य लो लाइट और नाइट स्काई फोटोग्राफी की हिस्ट्री, बेसिक्स और थ्योरी को समझाना था। प्रतिभागियों ने स्टार को कैप्चर करना, स्टार ट्रेल्स, मिल्की वे, एस्ट्रोफोटोग्राफी के एथिक्स, शूट्स के लिए प्लानिंग, मोबाइल एप्स का इस्तेमाल आदि के बारे सीखा। वर्कशॉप के अगले भाग में प्रतिभागियों को अच्छी स्टार विजिबिलिटी वाले एक नाइट स्काई लोकेशन पर ले जाया गया, जहां उन्हें अपने इक्विपमेंट सेटअप करना सिखाया गया और नाइट स्काई फोटोग्राफी की प्रैक्टिस भी कराई गई। जेकेके में शुरू हुए आर्ट कैम्प में देशभर से आए 10 से अधिक कलाकारों ने क्ले का उपयोग करके अपनी पसंदीदी मूर्तियां तैयार की। आर्ट कैम्प में कलाकारों द्वारा बनाई गई सभी मूर्तियों को अलंकार और सुदर्शन गैलेरीज में प्रदर्शित किया गया।
एक एक्टर की मौत नाटक का मंचन
समारोह का समापन रंगायन में सौरभ श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित हिन्दी नाटक एक एक्टर की मौत के मंचन के साथ हुआ। यह नाटक मूल रूप से क्रोएशियन लेखक, मीरो गावरान द्वारा लिखा गया है और इसका हिंदी में अनुवाद सौरभ श्रीवास्तव ने किया है। पहली बार जेकेके पर बनी शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री दर्शकों के लिए रंगायन में प्रदर्शित की गई।

Rakhi Hajela Desk
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