ओवैसी ने अब राम मंदिर पर दिया विवादित बयान

अपनी ही रैली में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगने से चौतरफा घिरे असदुद्दीन ओवैसी अपने विवादित बयानों से बाज नहीं आ रहे। अब उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मस्जिद गिराने का आरोप जिस व्यक्ति पर है, उसी को ट्रस्ट का अध्यक्ष बना देना शर्मनाक है।

By: Tasneem Khan

Published: 22 Feb 2020, 03:15 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

jaipur अपनी ही रैली में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगने से चौतरफा घिरे असदुद्दीन ओवैसी अपने विवादित बयानों से बाज नहीं आ रहे। अब उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मस्जिद गिराने का आरोप जिस व्यक्ति पर है, उसी को ट्रस्ट का अध्यक्ष बना देना शर्मनाक है। अपराधिक लोगों को ऐसे पदों से दूर रखना चाहिए। इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी विध्वंस को राष्ट्रीय शर्म बताया था। अब सुप्रीम कोर्ट निर्मित निकाय जिसे सरकार द्वारा गठित किया गया है, ने एक ऐसे व्यक्ति को ट्रस्ट का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जिसपर बाबरी को गिराने का आरोप है। नए भारत में आपका स्वागत है, जहां आपराधिक कृत्यों को पुरस्कृत किया जा रहा है। इससे पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कवायद तेज हो गई है। राम मंदिर निर्माण के लिए इसके ट्रस्ट का गठन हो चुका है। महंत नृत्य गोपाल दास को 'राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय को महासचिव नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या में 66.7 एकड़ के मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के लिए बनाई गई कमेटी का नेतृत्व करेंगे। ट्रस्ट के पदाधिकारियों को नियुक्त किए जाने को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है। ओवैसी ने भी इस ट्रस्ट की के गठन पर आपत्ति दर्ज करवाई है। गौरतलब है कि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास सीबीआई की ओर से बनाई उस चार्जशीट में शामिल हैं, जिसमें बाबरी विध्वंस के आरोपियों के नाम हैं। वे 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस से संबंधित आपराधिक षड्यंत्र के मामले में आरोपी हैं। इस मामले पर अब तक फैसला नहीं आया है। फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं और लखनऊ की विशेष अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही है।
इससे पहले ट्रस्ट के सदस्यों ने गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें अयोध्या आने का निमंत्रण दिया। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हाल ही में गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पहली बैठक बुधवार को हुई थी, जिसमें ट्रस्ट के सभी सदस्य मौजूद रहे और विश्व का सबसे बड़ा मंदिर बनाने का यहां निर्णय भी लिया गया। ट्रस्ट के महासचिव और विश्व हिंदू परिषद नेता चंपत राय के साथ कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि भी बैठक में मौजूद रहे। मुलाकात के बाद महंत नृत्य गोपाल दास ने संवाददाताओं से कहा, हम जल्द ही मंदिर का भूमि पूजन करने जा रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री को अयोध्या आने का निमंत्रण दिया है।

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