संविधान ही नहीं, वोट भी खतरे में

संविधान ही नहीं, वोट भी खतरे में

Shailendra Agarwal | Publish: Sep, 16 2018 11:27:02 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 11:27:03 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

- कौमी एकता सम्मेलन में कांग्रेस और लोकतांत्रिक जनता दल के नेताओं ने राज्य और केन्द्र सरकार पर बोला हमला

विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने के दिन नजदीक आने के साथ ही चुनावी माहौल रंग लेने लगा है। कौमी एकता सम्मेलन में राज्य से लेकर केन्द्र सरकार तक पर हमला बोलते हुए कहा गया कि आज संविधान ही नहीं, वोट भी खतरे में हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में 33 जिलों में हुए बंटाधार पर वे कब जवाब देंगी। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के जुमलों पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा स्थापित इसरो के परिसर में जाकर उपग्रह अंतरिक्ष में जाते हुए देखते हैं और फिर भी कांग्रेस के 70 साल के शासन पर सवाल उठाते हैं। लोकतांत्रिक जनता दल के संरक्षक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि 31 प्रतिशत वोट वाले सरकार चला रहे हैं और 69 प्रतिशत वाले बैठे हुए हैं, इसको रोकने के लिए उन्होंने चुनाव में साझा होने का आह्वान किया।
पीस मिशन सोसायटी की ओर से रविवार को जयपुर में आयोजित कौमी एकता सम्मेलन धर्मगुरुओं के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को अमन के झंडे सौंपने के साथ शुरू हुआ। इस मौके पर सफेद झंडे फहराकर शांति का संदेश दिया और लोगों को साम्प्रदायिकता व आतंकवाद के विरूद्ध साझा लडऩे का आह्वान किया गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाडि़या और गुजरात की पूर्व राज्यपाल कमला के साथ ही कांग्रेस के कई पूर्व मंत्री और सांसद- विधायक मौजूद थे।
कब मिलेगा जवाब
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री गौरव यात्रा कर रही हैं, केवल बोलकर चली जाती हैं किसी से की संवाद नहीं किया जाता। रैली से पहले लोगों के छत पर जाने पर पाबंदी लगा दी जाती है, काले कपड़े उतरवा दिए जाते हैं। कांग्रेस तो सबको कहती है, काले-पीले कैसे भी कपड़े पहनकर आओ कोई पाबंदी नहीं है। अब लोग सचेत रहें, किसी के बहकावे में नहीं आएं। उन्होंने प्रदेश के मौजूदा हालात को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान के 33 जिलों का बंटाधार कर दिया, वे इसका जवाब कब देंगी। नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने भी समाज में बढ़ रही द्वेषता पर चिंता जाहिर की।
लोकतंत्र, संविधान और संस्थाओं पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, भाजपा को उसके जुमले ही लेकर डूबेंगे। गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा कि वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा स्थापित इसरो में जाकर उपग्रह अंतरिक्ष में जाते हुए देखते हैं और फिर भी पूछते 70 साल में कांग्रेस ने क्या किया? उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष चाहता है 2019 में चुनाव जीतकर संविधान को तोड़ मरोड़ दिया जाए और 50 साल तक सरकार में रहा जाए। आज ५ हजार रुपए का बजरी का एक ट्रक 30-40 हजार रुपए में मिलता है। मॉब लिंचिंग पर सुप्रीम कोर्ट को बार-बार निर्देश देने पड़ रहे हैं। संस्थाएं कमजोर की जा रही है ईडी और सीबीआइ जैसी एजेसियों का दुरुपयोग हो रहा है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को उनकी ही पार्टी में रहते घनश्याम तिवाड़ी द्वारा लिखे पत्र का हवाला देकर कहा कि तिवाड़ी ने हालात को आपातकाल से भी बुरा बताया। उन्होंने सवाल किया कि सीएम साढ़े चार जनता से मिली नहीं और अब विकास बताने निकली हैं?
कौमी एकता के लिए गांधी को क्यों भुलाया
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और लोकतांत्रिक जनता दल के संरक्षक शरद यादव ने कहा कि पिछले चुनाव को गहराई से देखने पर सामने आता है पार्टियां बढऩे से विरोधी चुनाव हार गए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी कोई बुत नहीं थे, जो सफाई के लिए नाम ले रहे हैं और कौमी एकता के लिए उनकी सीख भुला दी है। किसानों के मामले में समर्थन मूल्य को मृग मरीचिका बताया, वहीं गाय के नाम पर मरे पशुओं का चमड़ा उतारने वालों पर हमलों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया जाएगा।
नागपुर की लेबोरेट्री से चल रही सरकार
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के प्रयास हो रहे हैं और यह सब नागपुर की लेबोरेट्री से निकल रहा है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा, आज सबसे बड़ा सवाल ये है कि मुल्क गांधी के विचारों से चलेगा या गोडसे के विचारों से। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल में मॉब लिंचिंग नया शब्द उभर कर आया है।
आध्यात्म वाले भी बोले
हिन्दू-मुस्लिम जन एकता मंच के संस्थापक स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य ने कहा कि इस्लाम में टेरेरिज्म नहीं है, बल्कि इस्लाम टेरेरिज्म को मिटाने आया है। सनातन धर्म और इस्लाम का उद्देश्य है हर इंसान अच्छा बने, लेकिन धर्म की राजनीति करने वालो को इस्लाम मे आतंकवाद नजर आता है। आध्यात्मिक गुरू सैय्यद मोहम्मद कासिम अशरफ ने कहा कि मॉब लिंचिंग के जरिए साम्प्रदायिकता फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा, कैसे कहें सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा, देश में मोहल्ले में साथ रहने में तो खौफ महसूस करते हैं। ये ही अलग-अलग धर्म वाले विदेशों में एक ही कमरे में रहकर फर्क से कहते हैं हिंदुस्तानी है। कार्यक्रम को बिशप ने भी संबोधित किया।

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