घायल परिंदों को बचाने का प्रयास


वन विभाग के साथ कई एनजीओ भी आए आगे
अशोक विहार में घायल परिंदों का इलाज
एनजीओज ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

By: Rakhi Hajela

Updated: 14 Jan 2021, 11:07 AM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India


मकर संक्रांति पर पतंग के मांझे की डोर से परिंदों को बचाने के लिए कई स्वयंसेवी संस्थाएं हर साल की तरह इस साल भी आगे आ गई हैं। वन विभाग तो इस काम में जुटा है ही साथ ही होप एंड बियोंड संस्थान के साथ ही रक्षा संस्थान ने अपना हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और परिंदों को बचाने का बीड़ा उठाया है। इसके साथ ही नेचर केयर संस्थान ने भी अपने बर्ड रेक्स्यू सेंटर की बुधवार को शुरुआत की।
बनाए गए हैं छह एन्क्लोजर
घायल होने वाले परिंदों को बचाने के लिए वन विभाग होप एंड बियोंड के साथ मिलकर काम कर रहा है। अशोक विहार में घायल परिंदों के इलाज की व्यवस्था की गई है। जहां उपचार के दौरान इन्हें रखा जाएगा। डॉ.अशोक तवंर ने बताया कि स्वस्थ होने पर उन्हें स्वच्छ वातावरण में छोड़ दिया जाएगा। पक्षियों के उपचार के लिए वन विभाग की ओर से डॉक्टर अशोक तंवर के साथ क्षेत्रीय वन अधिकारी ऑपरेशन अब्दुल रशीद, सीताराम चौधरी सहायक वनपाल सुरेश चौधरी योगी, मामराज सिंह और राजेंद्र सिंह यहां सेवाएं दे रहे हैं। इस आपातकालीन पक्षी चिकित्सा केंद्र में दवाइयों साथ ही आहार और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई है। तीन दिन तक जू का स्टाफ सुबह 9.30 बजे से रात आठ बजे तक यहां उपस्थित रहेगा, जिससे पक्षियों जीवन बचाया जा सके। BTYE- डॉक्टर अशोक तंवर
परिंदों को किया जाएगा रेस्क्यू
रक्षा संस्थान के रोहित ने बताया कि पतंग के मांझे से घायल परिंदों का आना शुरू हो गया है। रक्षा के रोहित गंगवाल ने बताया कि इस बार कोविड और बर्ड फ्लू को देखते हुए रामनिवास गार्डन में कैम्प नहीं लगाया जा रहा लेकिन संस्थान मालवीय नगर स्थित अपने शेल्टर पर घायल परिंदों को रेक्स्यू करने के बाद इलाज किया जाएगा। जब पक्षी ठीक हो जाएंगे तब उन्हें यहां से छोड़ा जाएगा।
नेचर केयर की ओर से भी बुधवार को घायल परिंदों को बचाने के लिए कैम्प की शुरुआत की गई। पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. उम्मेद सिंह ने इस चिकित्सा शिविर का अवलोकन किया। यह शिविर 15 जनवरी तक संचालित किया जाएगा। शिविर में आज 19 कबूतर, 8 फाख्ते, 5 तोते, 2 चिडिय़ा का उपचार किया गया। साथ ही कुछ पक्षियों के ऑपरेशन भी किए गए। नेचर केयर की वॉलिन्टियर डॉ.़ रितुजा श्रीवास्तव और राकेश प्रजापत ने आमजन से परिंदों को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पतंग नहीं उड़ाने की अपील की।
यह हैं हेल्पलाइन नंबर
रक्षा संस्थान : 98285 00065
होप एंड बियोंड संस्थान : 8239939929
नेचर केयर : 885488824
संस्थाओं ने की आमजन से अपील
: सुबह 6 बजे से 8 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे तक पतंग नहीं उड़ाएं।
: पतंग की डोर से घायल होने वाले परिंदों को बचाने के लिए हेल्पलाइन नंबर पर सम्पर्क करें।
: कांच लगे हुए मांझे का उपयोग पतंग उड़ाने में नहीं करें
: बचे हुए मांझे को इधर उधर डालने की जगह डस्टबिन में डालें

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