20 करोड़ में खरीदा था अगस्ता हेलीकॉप्टर—आज कोई कबाड़ भी खरीदने को तैयार नहीं—देखें पूरा मामला इस विडियो में

PUNEET SHARMA

Publish: Aug, 07 2019 11:14:15 AM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

देश के तीन राज्यों की सियासत में 14 साल पहले भूचाल लाने वाला अगस्ता हेलीकॉप्टर अब राज्य सरकार के लिए गलफांस बन गया है। अब अगस्ता हेलीकॉप्टर को लेकर स्थिति ऐसी है कि स्टेट हैंगर पर 9 साल से खड़ा यह हेलीकॉप्टर पूरी तरह से कबाड़ में बदल गया है और अब कोई इस कबाड को कोडियों के दामों में भी खरीदने को तैयार नहीं है।

2011 में खा गया था हवा में गोते
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने पिछले कार्यकाल में अगस्ता हेलीकॉप्टर से किसी जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। इसी दौरान अगस्ता हेलीकॉप्टर अचानक ही हवा में गोते खाने लगा। पायलट को हेलीकॉप्टर में कुछ खराबी का अंदेशा हुआ और हेलीकॉप्टर की सीकर जिले के एक खेत में आपात लैंडिंग करवाई। जांच में पता चला कि हेलीकॉप्टर की ब्लेड टूट गई थी। हेलीकॉप्टर को ट्रक में रख कर जयपुर स्टेट हैंगर लाया गया और तभी से यह हेलीकॉप्टर वहीं खड़ा है।

भाजपा सरकार नहीं कर पाई नीलामी
पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने वर्ष 2014—15 में धीरे धीरे स्टेट हैंगर पर कबाड़ मे बदल रहे अगस्ता हेलीकॉप्टर को किसी तरह नीलाम करने की कोशिश की। नीलामी की कीमत 12.40 करोड़ रुपए रखी गई और ग्लोबल टेंडर जारी किया गया। लेकिन दो साल तक इसे खरीदने के लिए कोई नहीं आया।

कबाड़ में भी नहीं बिका
जब नीलामी में इस हैलीकॉप्टर को खरीदने के लिए कोई नहीं आया तो राज्य सरकार ने 2017 में इसे कबाड़ में बेचने की कोशिश की। देश भर में सरकारी कार्यालयों से कबाड़ खरीदने वाली मेटल स्क्रेप ट्रेड कॉर्पोरेशन को जिम्मा दिया। लेकिन मेटल स्क्रेप ट्रेड कॉर्पोरेशन भी इसे कबाड़ में भी नहीं बेच सका।

अब बदल चुका है कबाड़ में
बीते 9 साल से यह हेलीकॉप्टर स्टेट हैंगर पर कबाड़ में तब्दील हो रहा है। सरकार सालाना इसके रख रखाव पर दे से तीन लाख रुपए खर्च कर रही है। हेलीकॉप्टर को चारो तरफ से ढक दिया गया है लेकिन हेलीकॉप्टर कबाड हो रहा है।

सरकार फिर करेगी कोशिश
अब मौजूदा सरकार इस हेलीकॉप्टर के कबाड़ को फिर से नीलाम करने की तैयारी कर रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी अब आने वाले दिनों में यह तय करेगी कि इस कबाड़ हेलीकॉप्टर को किस तरह से बेचा जाए।

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