अकाल राहत में घोटाले के आरोपियों को सजा


- लक्ष्मणगढ़-सीकर में 20 साल पुराना मामला
- 8 अभियुक्तों को 5 साल की सश्रम जेल एवं 3 लाख रुपए का जुर्माना

Abrar Ahmad

21 Feb 2020, 12:14 AM IST

जयपुर. 20 साल पुराने लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति में अकाल राहत घोटाले के मामले में अदालत ने आठ अभियुक्तों पांच साल कैद की सजा दी है।

वर्ष 2000 के इस मामले में एसीबी मामलों की विशेष अदालत ने गुरुवार को आदेश दिए। अदालत ने अभियुक्त डूडला निवासी रिटायर्ड ग्राम सेवक जलालुद्दीन (79), फतेहपुर निवासी पंचायत प्रसार अधिकारी कानसिंह जाट (78), नीम का थाना निवासी गिरदावर सोहन लाल शर्मा (72), बिरोदी बड़ी के गणपतराम जाट (66), इन्द्रलाल जाट (49), महावीर प्रसाद जांगिड़, कल्याणपुरा निवासी संजय कुमार जाट (41) और लक्ष्मणगढ़ निवासी जगदीश प्रसाद बलाई (64) को जेल भेजते हुए 37500-37500 रुपए का जुर्माना लगाया।
इस संबंध में गांव बिरोदी बड़ी निवासी ब्रह्मप्रकाश ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। एसीबी ने 10 अक्टूबर 2002 को एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी तत्कालीन प्रधान सुधा बगडिया, जेईएन सुखदेव सिंह एवं तत्कालीन विकास अधिकारी घनश्याम कुलदीप के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति नहीं मिली। अन्य आठ अभियुक्तों के खिलाफ चालान पेश किया था। जांच में पता चला था कि वर्ष 2000 में स्वीकृत हुए अकाल राहत कार्य कराने के लिए पंचायत समिति को नोडल एजेंसी बनाया गया था। जिसके लिए 4 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया। 35 मजदूरों के नाम फर्जी दिखाए गए। पीडब्ल्यूडी से कराई गई जांच में 3,31,354 रुपए का भ्रष्टाचार उजागर हुआ था।

Abrar Ahmad Desk
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