राजस्थान में आयुर्वेद चिकित्सा खस्ताहाल, विधानसभा के जवाब ने किया खुलासा

कोरोना संक्रमण के दौरान देशभर में लोगों का आयुर्वेद की तरफ फिर रुझान बढ़ा है। अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लोग काढ़ा, गिलॉय, च्यवनप्राश सहित विभिन्न आयुर्वेदिक उत्पादों का प्रयोग कर रहे हैं। मगर राजस्थान में आयुर्वेद की हालत खस्ता है।

By: Umesh Sharma

Published: 15 Jun 2021, 06:40 PM IST

जयपुर।

कोरोना संक्रमण के दौरान देशभर में लोगों का आयुर्वेद की तरफ फिर रुझान बढ़ा है। अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लोग काढ़ा, गिलॉय, च्यवनप्राश सहित विभिन्न आयुर्वेदिक उत्पादों का प्रयोग कर रहे हैं। मगर राजस्थान में आयुर्वेद की हालत खस्ता है। हालत ये है कि विभाग में कई पदों पर कोई कार्मिक काम ही नहीं कर रहा है, जिसकी वजह से यह पद्धति लोगों की पहुंच से दूर होती दिख रही है।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की ओर से विधानसभा पूछे गए सवाल के जवाब में खुलासा हुआ है कि आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा विभाग में कई महत्वपूर्ण स्वीकृत पद सालों से खाली हैं। कटारिया ने विधानसभा में प्रश्न संख्या 4057 में सवाल पूछा था, जिसके लिखित उत्तर में सरकार ने आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग की ओर से आयुर्वेद विभाग में विभिन्न स्तरों पर स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों का विवरण दिया है।

चरमराया आयुर्वेद विभाग का प्रशासनिक ढांचा

विधानसभा के जवाब में हुए खुलासे के बाद कटारिया ने कहा कि विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के लंबे समय से पद रिक्त पड़े हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है आखिर विभाग चल कैसे रहा है। विभाग का पूरा ढांचा चरमराया हुआ है। जो आयुर्वेद विभाग हमें जीवन जीने की पद्धति सिखाती है, उसका यह हाल कभी सोचा नहीं था।

ये पद पड़े हैं खाली

—अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेद, प्रधान आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं व्यवस्थापक रसायनशाला के स्वीकृत 133 में से 132 पद खाली पड़े हैं

—उपनिदेशक, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी ग्रेड प्रथम, प्रभारी अधिकारी रसायनशाला के सभी 500 पद खाली

—सहायक निदेशक, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी ग्रेड सेकंड के 1500 में से 204 पद रिक्त

—आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के 2304 स्वीकृत पदों में से 451 पद रिक्त

—आयुर्वेद विभाग के अराजपत्रित पद विभागीय नर्स/कंपाउंडर संवर्ग के 4083 स्वीकृत पदों में से 1133 पद रिक्त

—चतुर्थ श्रेणी संवर्ग के 3232 स्वीकृत पदों में से 1328 पद रिक्त

—आयुर्वेद नर्सेज के 550 कनिष्ठ आयुर्वेद नर्सेज कंपाउंडर के नियमों में संशोधन नहीं हो सका

—आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के 450 पदों पर नियुक्ति लंबे समय से लंबित

COVID-19
Umesh Sharma Reporting
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