राजस्थान में अब मिलेगा पांच लाख तक का मुफ्त इलाज, मुख्यमंत्री ने की योजना की शुरुआत

आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना का नया चरण शुरू, राज्य की दो-तिहाई आबादी को मिलेगा 5 लाख तक का नि:शुल्क इलाज, मुख्यमंत्री गहलोत ने कहाः आयुष्मान भारत व भामाशाह को मर्ज कर योजना को और लाभकारी बनाया

By: pushpendra shekhawat

Updated: 30 Jan 2021, 10:37 PM IST

जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को अपने निवास से आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के नए चरण की शुरुआत की। इस योजना से राज्य की लगभग दो-तिहाई आबादी को 5 लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज मिलेगा। नए चरण में अब 1.10 करोड़ परिवारों को नि:शुल्क उपचार की सुविधा दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पूर्व में संचालित भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 98 लाख लाभार्थी परिवारों के साथ सामाजिक-आर्थिक जनगणना के पात्र परिवारों को भी शामिल किया गया है। आयुष्मान भारत और भामाशाह को मर्ज कर इस योजना को और लाभकारी बनाया है। केन्द्र को भी ऐसा करना चाहिए।


एंटी फ्रॉड इकाई

गहलोत ने कहा कि यह एक एंटी-फ्रॉड इकाई बनाई गई है। चार-पांच एजेंसियां थर्ड पार्टी के रूप में अस्पताल और लाभार्थी के लेखे-जोखे का ध्यान रखेंगी। ऐसी स्कीमें बनती हैं तो ऐसी चैकिंग होना जरूरी है। हमने अधिकारियों को आंध्रप्रदेश भेजा लेकिन पता चला कि कई जगह गड़बड़ हुई हैं। इसलिए हमने आंध्रप्रदेश की योजना को स्वीकार नहीं किया और खुद की योजना लाए।

प्रधानमंत्री से जताई अपेक्षा, अधिक परिवारों को दें लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री से मांग है कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के सर्वे और सोशियो इकोनॉमिक कम्युनिटी के सर्वे, दोनों के पात्र परिवारों को मिलाकर योजना को पूरे भारत में लागू करें। इससे ज्यादा परिवारों को मदद मिलेगी। प्रीमियम पर कैप न लगाएं। बीमा कम्पनियों के जो टेंडर आ रहे हैं, उनके आधार पर केंद्र को प्रीमियम का 60 प्रतिशत देना चाहिए। केंद्र ने इस योजना के कुल खर्च को 60:40 के अनुपात में लागू किया है। केंद्र ने प्रति परिवार प्रीमियम राशि 1052 रुपए फिक्स की है, जिसका 60 प्रतिशत राज्य को मिलेगा। इससे ज्यादा खर्चा आएगा तो राज्य को वहन करना होगा। इससे राज्य का खर्चा ज्यादा आ रहा है। हमने टेंडर कर बीमा कंपनी को हायर किया है, जो ज्यादा प्रीमियम ले रही है। हमारा खर्चा 1662 आया है।


योजना में यह: निजी अस्पतालों में भी नि:शुल्क इलाज

- भर्ती से 5 दिन पहले और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक का चिकित्सा खर्च भी नि:शुल्क पैकेज में शामिल।
- सरकारी के साथ सम्बद्ध निजी तथा राज्य में केन्द्र सरकार के चिकित्सालयों में भी नि:शुल्क इलाज।

- योजना में वार्षिक प्रीमियम 1750 करोड़ का लगभग 80 प्रतिशत (1400 करोड़) अंशदान राज्य सरकार वहन करेगी।
- प्रति परिवार सालाना नि:शुल्क उपचार सीमा 3.30 लाख से बढ़कर 5 लाख रुपए हुई।

- उपचार के लिए उपलब्ध 1401 के पैकेज को बढ़ाकर 1576 किया।
- सामान्य बीमारियों के लिए 50 हजार तथा गंभीर बीमारियों के लिए 4.50 लाख तक का नि:शुल्क इलाज।

Show More
pushpendra shekhawat Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned