फिर इटली पहुंचा कोरोना की जकड़ से आजाद भीलवाडा का यार्न

जयपुर. कोरोना से उबरे चीन व इटली में औद्योगिक उत्पादन शुरू होने से वस्त्रनगरी के उद्यमियों के चेहरे खिल उठे हैं। पिछले एक सप्ताह में 15 कंटेनर यार्न इटली भेजे जाने के साथ ही डेढ़ माह में लगभग 300 करोड़ का यार्न इटली व अन्य देशों को निर्यात किया गया। हालांकि यह औसतन आधा है। विभिन्न देशों से मांग बढऩे से स्पिनिंग मिल्स को राहत मिलेगी।

By: Subhash Raj

Published: 21 May 2020, 10:40 PM IST

नितिन, संगम, आरएसडब्ल्यूएम, सुदिवा तथा कोटा के रामगंजमंडी की सतलज टेक्सटाइल कॉटन व पीवी यार्न निर्यात करने लगी है। जिले की चारों मिलों ने डेढ़ माह में मेवाड़ चेम्बर से 480 सर्टिफिकेट बनवाए। यार्न तुर्की, बांग्लादेश, हांगकांग, मिस्र व दक्षिणी अमरीकी देशों में भी गया। एक कंटेनर में करीब 20 टन यार्न होता है, जिसकी कीमत कम से कम 50 लाख होती है।
लॉकडाउन में ढील के बाद प्रमुख रूप से रंजन, संगम, मनोमय, बीएसएल आदि कंपनियां कपड़ा निर्यात कर रही हैं। कपड़ा बांग्लादेश, इंडोनेशिया तथा वियतनाम के अलावा दक्षिण कोरिया, सूडान, यमन, कांगो जाता है। अब तक करीब 50 विविंग उद्योग में करीब पांच हजार श्रमिक काम करने लगे हैं।
दो माह से बंद कपड़ा उद्योग 5 हजार करोड़ का नुकसान झेल चुका है। निर्यात की चेन जोडऩे में 3 से 4 माह लगेंगे। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद भी 27 कपड़ा मार्केट में से आधे ही खुल पाए हैं। कपड़ा मार्केट बंद होने से विविंग इंडस्ट्री, प्रोसेसर्स व ट्रांसपोर्टर का काम भी ठप है। अधिकांश कपड़ा मार्केट 31 मई के बाद खुलेंगे।
मेवाड़ चेम्बर आॅफ कॉमर्स के महासचिव आर के जैन का कहना है कि लॉकडाउन के बाद इटली समेत कई देशों में यार्न जाने लगा है। कुछ दिन में इटली में 15-20 व अन्य देशों में 500 से अधिक कंटेनर यार्न निर्यात हुआ। यह भीलवाड़ा टेक्सटाइल के लिए अच्छे संकेत हैं।

Subhash Raj
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