आरएएस मुख्य परीक्षा परिणाम जारी करने पर लगी रोक हटी

राज्य सरकार द्वारा नियमों में संशोधन के आधार पर आरएएस भर्ती 2018 को चुनौती देने वाली याचिकाएं निस्तारित

By: KAMLESH AGARWAL

Published: 30 Jun 2020, 06:04 PM IST

जयपुर।

राजस्थान उच्च न्यायालय ने आरएएस भर्ती 2018 में मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित करने पर लगी रोक को हटा दिया है। मुख्य परीक्षा के परिणाम पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक दिसंबर 2018 को रोक लगाई थी। आरपीएससी और राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करने के बाद न्यायालय ने इस संबंध में लंबित सभी याचिका को निस्तारित कर दिया।

राज्य सरकार ने आरएएस भर्ती 2018 में 980 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की। प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आने के बाद सुरज्ञान सिंह एवं अन्य ने कटआॅफ राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने मुख्य परीक्षा के परिणाम पर रोक लगा दी। इसी वजह से बीते करीबन डेढ़ साल से भर्ती प्रकिया अटकी हुई थी। बीते दिनों राज्य सरकार और आरपीएससी ने अलग अलग प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए कहा कि परीक्षा परिणाम तैयार हो चुका है और इसे जारी करने की अनुमति दी जानी चाहिए।राजस्थान सरकार और आरपीएससी की ओर से पेश किये गये प्रार्थना पत्र पर न्यायाधीश अशोक गौड़ की एकलपीठ मंगलवार को सुनवाई की। महाधिवक्ता ने कहा कि सभी अभ्यर्थियो के हित सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है जिससे अब कोई प्रभावित नही होगा।

यह था विवाद

आरएएस व अधीनस्थ सेवा के 1080 पदों की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में सामान्य वर्ग की कट ऑफ 76.06 और ओबीसी वर्ग की कट ऑफ 99.33 रही थी। सामान्य वर्ग से ज्यादा अंक लाने वाले ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों ने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने एक दिसंबर 2018 को मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी करने और भर्ती प्रक्रिया जारी रखने पर रोक लगा दी थी। न्यायालय ने सामान्य वर्ग से अधिक अंक वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल करने के आदेश दिये थे।

यह निकाला हल

राजस्थान सरकार ने बीते दिनों आरएएस भर्ती परीक्षा नियम 1999 के नियम 15 में बदलाव किया है। आरपीएससी के अधिवक्ता एमएफ बैग के अनुसार मुख्य परीक्षा में श्रेणीवार 15 गुणा अभ्यर्थियों को बुलाने की जगह मेरिट के अनुसार 15 गुणा छात्रों को मुख्य परीक्षा में शामिल करने का नियम लागू किया गया है।इसी के साथ आरक्षित वर्ग के छात्र जिनके अंक सामान्य वर्ग से ज्यादा है उनको मुख्य परीक्षा के योग्य माना है। जिसकी वजह से मुख्य परीक्षा में शामिल सभी छात्र भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो गए और सभी याचिकाए सारहीन हो गई। सूत्रों के अनुसार प्री आरएएस की परीक्षा को यूपीएससी पैटर्न पर करने के लिए बनाई कमेटी की सिफारिशों के आधार नियमों में संशोधन किया गया है।

KAMLESH AGARWAL Desk
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