scriptBarley prices reach record level due to decline in yield | Barley prices record level: पैदावार घटने से जौ की कीमतें रिकार्ड स्तर पर पहुंची | Patrika News

Barley prices record level: पैदावार घटने से जौ की कीमतें रिकार्ड स्तर पर पहुंची

माल्ट कंपनियों की मांग जारी रहने तथा पैदावार घटने के कारण जौ की कीमतों ( Barley prices ) में रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। जयपुर मंडी में लूज जौ 3000 से 3100 रुपए प्रति क्विंटल बेचा गया, जबकि कर सहित जौ ( Barley crop ) की कीमतें 3450 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास बोली जा रही हैं।

जयपुर

Published: April 21, 2022 10:50:17 am

माल्ट कंपनियों की मांग जारी रहने तथा पैदावार घटने के कारण जौ की कीमतों में रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। जयपुर मंडी में लूज जौ 3000 से 3100 रुपए प्रति क्विंटल बेचा गया, जबकि कर सहित जौ की कीमतें 3450 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास बोली जा रही हैं। स्थानीय राजधानी कृषि उपज मंडी कूकरखेड़ा स्थित अविशी ट्रेडिंग कंपनी के जितेन्द्र सराफ ने बताया कि जौ में पहले ही एतिहासिक भाव बन चुके हैं। जौ के भाव ऊंचे होने से कैटलफीड में भी जौ की डिमांड समाप्त हो गई है। वर्तमान में चौमू, श्रीमाधोपुर एवं जयपुर मंडी में करीब 15 हजार बोरी जौ प्रतिदिन उतर रहा है। फिलहाल मंडियों में जौ की क्वालिटी भी हल्की आ रही है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल जौ का उत्पादन अपेक्षाकृत कम हुआ था, परिणामस्वरूप पूरे साल जौ की शॉर्टेज बनी रही। इस वर्ष भी जौ की बिजाई कम होने के साथ-साथ प्रति हैक्टेयर उत्पादकता भी घटी है। गौरतलब है कि जौ में बड़ी कंपनियों की खरीद चल रही है। प्रोटीन युक्त आहार बनाने वाली कंपनियां भी जौ की खरीद करने लगी हैं। लिहाजा जौ के भाव और ऊंचे भी जा सकते हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष देश में 18 लाख टन जौ का उत्पादन हुआ था, जबकि इस बार 12 लाख टन जौ की पैदावार होने का अनुमान है।
Barley prices record level: पैदावार घटने से जौ की कीमतें रिकार्ड स्तर पर पहुंची
Barley prices record level: पैदावार घटने से जौ की कीमतें रिकार्ड स्तर पर पहुंची
माल्ट कंपनियों में 80 फीसदी खपत
देश में जौ की सबसे ज्यादा खपत माल्ट कंपनियों में होती है। कुल जौ की 80 फीसदी खरीद माल्ट कंपनियां करती है, जिससे वो साल भर तक कारखाना चलाने के काम आता है। जौ के इस माल्ट से बीयर बनाई जाती है। भारत में जौ की पैदावार कम और खपत ज्यादा है। इसलिए विदेशों से आयात होता है। देश में सबसे ज्यादा जौ यूक्रेन व रूस से 60 फीसदी जौ आयात होता है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

नाइजीरिया के चर्च में कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ से 31 की मौत, कई घायल, मृतकों में ज्यादातर बच्चे शामिल'पीएम मोदी ने बनाया भारत को मजबूत, जवाहरलाल नेहरू से उनकी नहीं की जा सकती तुलना'- कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मईमहाराष्ट्र में Omicron के B.A.4 वेरिएंट के 5 और B.A.5 के 3 मामले आए सामने, अलर्ट जारीAsia Cup Hockey 2022: सुपर 4 राउंड के अपने पहले मैच में भारत ने जापान को 2-1 से हरायाRBI की रिपोर्ट का दावा - 'आपके पास मौजूद कैश हो सकता है नकली'कुत्ता घुमाने वाले IAS दम्पती के बचाव में उतरीं मेनका गांधी, ट्रांसफर पर नाराजगी जताईDGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना, विकलांग बच्चे को प्लेन में चढ़ने से रोका थापंजाबः राज्यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्याशियों की घोषणा, दोनों को मिल चुका पद्म श्री अवार्ड
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.