जिस थाने से डीजी हुए थे नाराज, वही बासनी थाना एक महीने में बना मिसाल, अब जयपुर से जाएंगे अधिकारी देखने

39 दिन में फिसड्डी से टॉप पर पहुंचा बासनी थाना

By: pushpendra shekhawat

Published: 10 Apr 2019, 08:36 PM IST

मुकेश शर्मा / जयपुर। राजस्थान के नए पुलिस महानिदेशक बनने के बाद आईपीएस कपिल गर्ग ने महकमें में कई बदलाव किए। लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव हुए या नहीं, इसकी बानगी देखने प्रदेश के कई थानों में औचक निरीक्षण करने पहुंचे। डीजीपी गर्ग प्रदेश के जिन थानों में निरीक्षण करने पहुंचे तो जोधपुर कमिश्नरेट का बासनी थाना हर चीज में सबसे फिसड्डी था, लेकिन 39 दिन बाद डीजीपी उसी थाने में फिर निरीक्षण करने पहुंचे थाना पुलिस ने खुद को इतना बदल दिया कि डीजीपी को मजबूरन बासनी थाने की कार्यप्रणाली पूरे प्रदेश थाना पुलिस को सीखने की नसीहत देनी पड़ी।

 

डीजीपी गर्ग ने जयपुर कमिश्नरेट सहित प्रदेश के सभी जिला पुलिस को बासनी थाने पर एक-एक अधिकारी को भेजकर वहां की कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए हैं। थाने की कार्यप्रणाली में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका जोधपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ की रही, उन्होंने एसएचओ से लेकर सिपाहियों तक प्रोत्साहित किया। डीजीपी कपिल गर्ग ने जोधपुर पुलिस कमिश्नर को बासनी थाने के सभी पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने का आदेश भी दिया है।

 

डीजीपी गर्ग की जुबानी : 39 दिन बाद पहुंचा तो विश्वास नहीं हुआ

डीजीपी गर्ग ने बताया कि दो दिन पहले और 39 दिन बाद बासनी थाने पर फिर से अचानक पहुंच गए। थाने के एसएचओ से लेकर सिपाही तक, पूरा स्टाफ पहले वाला ही था। थाना पुलिस ने मेहनत और लगन से खुद को बदल दिया। यह बदलाव देखा :


- कांस्टेबल को अपने क्षेत्र की बीट से संबंधित सभी जानकारी थी

 

- मालखाना इंजार्च ने मालखाने का निस्तारण किया। अब एक डेढ़ माह में थाना परिसर में जब्त माल को कोर्ट की अनुमति से नीलाम करवाया जा सकेगा


- समन तामिल में अधिकांश पुलिसकर्मी लौटने के बाद लिखते हैं कि अदम तामिल पेश है, लेकिन इसमें क्या किया, यह जानकारी नहीं होती, लेकिन बासनी थाने के समन तामिल में जानकारी थी कि व्यक्ति उक्त निवास पर रह रहा है, नहीं रह रहा है, बाहर गया हुआ है, रहने का स्थान बदल लिया है, कारण बताते हुए सात दिन में वापस रिपोर्ट दी गई थी

 

- गश्त रजिस्टर में जानकारी इन्द्राज किया जाने लगा, पहले एक सिपाही ने बिना गश्त एन्ट्री कर दी थी, लेकिन एन्ट्री में ही पकड़ा गया था, लेकिन गश्त और पुख्ता नाकाबंदी की जानकारी, कहां नाकाबंदी लगाई, उसमें कौन-कौन तैनात थे सहित कई जानकारी नोट करना


- पुलिस विभाग से संबंधित कई कार्यों का भी कांस्टेबलों ने संतोषजनक और तुरंत जवाब दिया

pushpendra shekhawat Desk
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