मानसिक स्वास्थ्य का यों रखें खयाल

Tasneem Khan

Updated: 15 Feb 2020, 01:28:57 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर। अपने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य का खयाल रखना बेहद जरूरी है। ज्यादातर लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक ही नहीं होते। वो इसे मामूली सिरदर्द ही मानते हैं और घर पर ही दर्द निवारक दवाइयां लेकर फिर अपने कामों में व्यस्त हो जाते हैं। यह जाने बिना कि मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ा तो आपके शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। आप भावनात्मक तौर पर भी कमजोर हो सकते हैं। ऐसा होना आपके जीवन की बड़ी गलती हो सकती है। इसके लिए आपको अपनी दिनचर्या पर भी ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

1 रोजाना अच्छा खाना, पर्याप्त आराम और एक्सरसाइज करने से आप शारीरिक ही नहीं मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहते हैं।पोषक तत्वों से भरपूर ताजा खाना तनाव से निपटने में शरीर की मदद करता है। विटामिन बी -12 और ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर भोजन मस्तिष्क में मनोदशा नियमित करने वाले रसायनों के स्तर को ऊपर रखता है। पर्याप्त आराम मिलना भी जरूरी है। जब हम सो रहे होते हैं शरीर अपने दैनिक टूट–फूट को ठीक करता है। नींद की कमी थकान, तनाव और बीमार महसूस करा सकती है। वहीं एक्सरसाइज आपको हर तरह से फिट बनाती हैं।

2. सूरज की रोशनी से मस्तिष्क में सेरोटोनिन का उत्पादन बढ़ जाता है। यह वह रसायन है जो मनोदशा को नियंत्रित करता है। रोज़ सूरज की रोशनी में रहना अवसाद से बचने में मदद करता है। आप ऐसे काम करें, जो आपको खुशी देते हों या रोमांचित करते हों। ऐसे कामों से दिमाग में खुशी वाले हार्मोन बढ़ते हैं और तनाव दूर रहता है।

3.खुद से प्यार करें। खुद के लिए अलग समय निकालें। अपनी भावनात्मक जरूरतों को अनदेखा न करें। किताब पढ़ें, खुद को संतुष्ट रखने की कोशिश करें। दैनिक कार्यों के बारे में चिंता करना ठीक नहीं। इसी बीच यह भी ध्यान रहे कि आप जितना हो सके अपने इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट्स से दूर रहे। मोबाइल का इस्तेमाल बहुत जरूरी हो, उतना ही करें।

4.जिनको आप प्यार करते हैं और जिनके साथ आप की अच्छी दोस्ती है। उन लोगों के साथ समय बिताने से आप में सकारात्मक भावना आती है। अपने दोस्तों, परिवार, साथियों और पड़ोसियों के साथ स्वस्थ संबंधों का होना आप में भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करता है।
5 ऐसे काम करें जो आपको व्यस्त रखें। दिमाग व्यस्त रहता है तो खुश भी रहता है। साथ ही अपने शौक पूरा करें। उन्हें अनदेखा ने करें। यह आपके तनाव दूर करने और आत्मसम्मान बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। सीखने की प्रक्रिया को जारी रखें। इससे आपकी एकाग्रता का स्तर बढ़ जाता है, और आपको कुछ नया सीखकर अच्छा लगता है। यह आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।

6 अपनी कमजोरियों पर मायूस होने की बजाय अपनी खूबियों पर बात करें। अपनी क्षमता से ज्यादा काम लेने की बजाय ना कहना सीखें। यह ना भी आपको खुश रखेगी। अपनी पसंद—नापसंद पर खुलकर बात करें। भावनाएं दबाने का मतलब अपने दिमाग को तनाव देना ही है। इसीलिए अपने आपको खुलकर व्यक्त करें।

7 आपको लगता है कि तनाव आप डील नहीं कर पा रहे हैं तो डॉक्टर के पास जाने से ना कतराएं। न ही सामाजिक तौर पर आप अपने को कमतर आंके। मानसिक रूप से कमजोर हैं, इसका मतलब यह नहीं कि आप यह बीमारी लोगों को बताने में डरें। यह बिलकुल वैसे ही है, जैसे कोई जुकाम या बुखार। इसका इलाज संभव है, इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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