शहर में बनें सब-वे व डबलडेकर रोड

- व्यापारियों ने प्रमुख पार्टियों को सौंपा मांग पत्र
- व्यापारियों ने उठाई मांग, इन्फ्रास्टे्रक्चर हो डवलप, आवारा पशुओं पर लगे लगाम

- पेट्रोल पर वैट कम करें, व्यापारियों को भी मिले पेंशन

By: Girraj Sharma

Published: 25 Nov 2018, 08:14 PM IST

शहर में बनें सब-वे व डबलडेकर रोड

- व्यापारियों ने प्रमुख पार्टियों को सौंपा मांग पत्र
- व्यापारियों ने उठाई मांग, इन्फ्रास्टे्रक्चर हो डवलप, आवारा पशुओं पर लगे लगाम

- पेट्रोल पर वैट कम करें, व्यापारियों को भी मिले पेंशन

जयपुर। विधानसभा चुनाव की चौसर बिसते ही प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक संगठन भी मुखर हो उठे हैं। व्यापारियों ने प्रदेश की दोनों प्रमुख पार्टियांे को अपना मांग पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने शहरों में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए सब-वे और डबलडेकर रोड्स बनाने के साथ ही राज्य में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा देने जैसी मांग उठाई है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने और व्यापारियों को भी पेंशन जैसी सुविधा देने की बात दोहराई है। वहीं शहर में इन्फ्रास्ट्रेक्चर डवलप करने के साथ आवारा पशुआें पर रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम की व्यवस्था की मांग उठाई है।

व्यापारियों के प्रमुख संगठन फोर्टी व जयपुर व्यापार महासंघ ने चुनावी दौर के बीच अपनी मांगें उठाना शुरू कर दिया हैं। फोर्टी ने भाजपा व कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी को अपना मांग पत्र सौंप दिया है, वहीं जयपुर व्यापार महासंघ ने भी प्रमुख पार्टियों को मांग पत्र देने की तैयारी कर ली है। खास यह है कि व्यापारियों ने जो मंाग पत्र तैयार किया हैं, उनमें व्यापारियों के हितों के साथ आमजनता की सहूलियत का भी ध्यान रखा गया है। इनमें शहर में दिनों-दिन बढ़ते टै्रफिक के दबाव को देखते हुए सब-वे बनाने के साथ ही डबलडेकर रोड बनाने की मांग की गई है। वहीं पानी की समस्या को लेकर भूजल को रिचार्ज करने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने जैसे सुझाव भी दिए हैं। हालांकि व्यापारियों ने पेट्रोल-डिजल के बढ़ते दामों पर भी चिंता जताते हुए पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने जैसे मुद्दे भी चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने की बात कही है।
----------

व्यापारियों ने उठाई ये मांगें
- बढ़ते हुए ट्रेफिक दबाव को देखते हुए सब-वे एवं डबलडेकर रोड्स बनाए, जिससे समय व इंधन की बचत हो सके

- राज्य में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के लिये सरकारी योजना लाई जाए, इससे वाटर लेवल को ऊपर जाया जा सके
- औद्योगिक इलाको में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए मास्टर प्लान बनाया जाना चाहिए

- सरकारी व्यवस्थाओं की जानकारी ऑनलाइन हो, जिससे उपभोक्ता घर बैठे बैठे अपने काम कर सके, उसे सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े
- चीनी पर 1.60 रुपए शुल्क केवल राजस्थान प्रदेश में वसूला जाता है, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली में इस तरह का कोई मण्डी शुल्क नहीं होने से वहां के चीनी व्यापारी कारोबार से प्रभावित है। राजस्थान में चीनी का उत्पादन कम होने से अन्य राज्यों से चीनी मंगाने पर 2.50 से 3 रुपए तक प्रति किलो भाड़ा व मण्डी शुल्क 1.60 रुपए होने से लोगों को 4 रुपए प्रति किलो चीनी महंगी मिल रही है।

- राजस्थान में भी जीएसटी मोबाइल वैन योजना चलाई जानी चाहिए
- टैक्स पेयर व्यापारियों को सोशल सिक्यूरिटी उपलब्ध करवाई जाए, जो व्यापारी टैक्स देता है, उस टैक्स का कुछ हिस्सा उसे पेंशन के रूप में प्राप्त हो

- इनकमटैक्स समाप्त होना चाहिये
- पेट्रोल एवं डीजल पर जो वैट लगता है उसको राज्य सरकार कम करने की घोषणा करे

- जीएसटी को केवल दो स्लैबो में रखा जाये
- व्यापारी कल्याण बोर्ड प्रभावी रूप से काम करे उसके लिये राज्य सरकार और ट्रेड संगठन की भागेदारी सुनिश्चित करे

Girraj Sharma Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned