चुनाव से पहले जलदायकर्मी बैठे सड़क पर, ऐसे हुई सरकार के लिए मुसीबत...

चुनाव से पहले जलदायकर्मी बैठे सड़क पर, ऐसे हुई सरकार के लिए मुसीबत...

Bhavnesh Gupta | Publish: Sep, 05 2018 08:36:59 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

चुनाव से ठीक पहले जलदायकर्मियों के आंदोलन ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। ऐसा जयपुर शहर में सीवरेज व पेयजल सप्लाई बोर्ड गठन के कारण हुआ है।

भवनेश गुप्ता . जयपुर। एक तरफ सरकार सीवरेज व पेयजल सप्लाई बोर्ड प्रस्ताव को विधानसभा में पास कराने की तैयारी में है, दूसरी ओर जलदाय विभाग के कर्मचारी संगठनों ने बुधवार से आंदोलन तेज कर दिया। इसके तहत धरना—प्रदर्शन कर रैली निकाली गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़क पर उतरे। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें बोर्ड गठन को लेकर जारी अध्यादेश को निरस्त करने सहित कई मांग की गई। ऐसा नहीं करने पर आंदोलन और तेज करने और गांव—गांव मेें जनजागरण करने के लिए चेताया है।
इसके लिए राजस्थान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया जा चुका है। समिति के देवी सिंह भाटी ने बताया कि निजीकरण के बाद पेयजल की दर में अनावश्यक बढऩे की आशंका बनेगी। इसी कारण कर्मचारी बोर्ड के विरोध में हैं। आंदोलन को कई कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया है। उधर, सरकार विधानसभा में इसे पास कराने की तैयारी में है। इसी कारण कर्मचारियों का विरोध तेज हुआ है।

इसलिए हो रहा विरोध
शहरी क्षेत्र में पेयजल व सीवरेज से जुड़ा काम बोर्ड के अधीन आ जाएगा। —फिलहाल जलदाय विभाग के अधिकार भी डेपुटेशन पर काम करेंगे। वहीं, नगर निगम की सीवरेज कार्य से जुड़ी टीम भी यहां आएगी। उन्हें आशंका है कि शुल्क में बढ़ोत्तरी करने का अधिकार बोर्ड के पास आ जाएगा, कभी भी फैसला लिया जा सकता है। जलदाय विभाग के अधिकारी—कर्मचारियों को आशंका है कि बोर्ड के अधीन काम करने के लिए डेपुटेशन पर भेजा जाएगा, लेकिन बाद में बोर्ड में ही समाहित कर दिया जाएगा।

यह होगा बोर्ड..
शहर की पेयजल सप्लाई और सीवरेज सिस्टम का काम एक ही हाथ में देने के लिए बोर्ड गठन का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इसमें बोर्ड चेयरमेन की कमान स्वायत्त शासन विभाग के पास आ जाएगी। चेयरमेन की जिम्मेदारी भी अतिरिक्त मुख्य सचिव के पास होगी। जबकि, जलदाय विभाग, वित्त विभाग, आरयूआईडीपी, स्वायत्त शासन विभाग, नगर निगम, जेडीए व आवासन मण्डल के अफसर सदस्य के रूप में होंगे।

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