राजस्थान: लादूलाल पितलिया मामले में अब फ्रंटफुट पर BJP, बैकफुट पर Congress! जानें पूरा मामला

सहाड़ा उपचुनाव क्षेत्र से लादूलाल पितलिया नामांकन वापसी प्रकरण, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया से हुई पितलिया की मुलाक़ात, पूनिया के घर जयपुर में मिले दोनों नेता, प्रदेश भाजपा संगठन में महत्वपूर्व दायित्व सौंप सकती है पार्टी, भाजपा के समर्थन में नामांकन वापस लेने का मिल सकता है ‘सम्मान’, कांग्रेस अब भी बनी हुई है आक्रामक, जारी है नेताओं की बयानबाजी, नामांकन वापसी को बताया भाजपा की मजबूती, कांग्रेस को झटका

 

By: nakul

Published: 05 Apr 2021, 02:18 PM IST

 

जयपुर।

भीलवाड़ा की सहाड़ा उपचुनाव सीट पर भाजपा नेता लादूलाल पितलिया का पहले बागी होकर नामांकन भरना और फिर नामांकन वापस लेना फिलहाल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बना हुआ है। इस गरमाए माहौल के बीच आज लादूलाल पितलिया ने जयपुर पहुंचकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया से मुलाक़ात की। दोनों नेताओं के बीच ये मुलाक़ात फिलहाल प्रदेश भाजपा मुख्यालय में नहीं होकर पूनिया के निजी आवास पर हुई है।

 

पूनिया से मुलाक़ात के दौरान पितलिया के साथ सहाड़ा प्रभारी श्रवण सिंह बागड़ी, भाजपा नेता अजय धांदिया और सहाड़ा क्षेत्र के अन्य भाजपा नेता भी मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने मिलकर भाजपा के समर्थन में नारे भी लगाए।

 

गौरतलब है कि पितलिया ने सहाड़ा सीट से टिकिट नहीं मिलने पर बगावती तेवर दिखाते हुए निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया था। इसके बाद चले मान-मनव्वल और समझाइश के बाद उन्होंने नामांकन के आखिरी दिन से पहले ही अपनी दावेदारी वापस ले ली।


इधर, पितलिया के भाजपा के पक्ष में चुनाव मैदान से हटने के बाद पार्टी ने राहत की सांस ली है। बताया जा रहा है कि प्रदेश भाजपा पितलिया के इस समर्पण के लिए उन्हें संगठन में कोई महत्वपूर्ण दायित्व सौंप सकती है।

 

प्रदेश भाजपा को बड़ी राहत

भीलवाड़ा के सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के बीच भाजपा नेता लादूलाल पितलिया के नामांकन वापसी का मुद्दा गर्माया हुआ है। कांग्रेस जहां इस मामले को जोर-शोर से उठाते हुए आक्रामक रुख अपनाए हुए है, तो वहीं भाजपा अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए बचाव मुद्रा में है। भाजपा ने इस विषय को आधारहीन बताते हुए इसे कांग्रेस और मीडिया में चर्चाओं की देन करार दिया है।

 

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने आखिरकार अपनी सफाई देते हुए लादूलाल नामांकन वापसी मामले का पटाक्षेप करने की कोशिश की है। उन्होंने लादूलाल प्रकरण को बेवजह तूल देने की बात कहते हुए कहा है कि निर्दलीय ताल ठोकने के बाद लादूलाल पितलिया से पार्टी की ओर से समझाइश की गई थी।

 

'मान-सम्मान का रखा जाएगा पूरा ध्यान'

पूनिया ने कहा कि लादूलाल पितलिया को पार्टी में उचित दायित्व दिए जाने और उनके मान-सम्मान का पूरा ख्याल रखने का आश्वासन दिया गया था, तब जाकर उन्होंने परिवार के बीच चर्चा की और स्वेछा से अपना नामांकन वापस लिया है।

 

'चिट्ठी-ऑडियो की कोई प्रमाणिकता नहीं'
लादूलाल पितलिया के नाम से मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार लगाने और उपरी दबाव से नाम वापसी करवाने के वायरल हो रहे चिट्ठी और ऑडियो पर भी पूनिया ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि वायरल हो रही चिट्ठी और ऑडियो की कोई प्रमाणिकता नहीं है। ना तो इसकी कोई फोरेंसिक जांच हुई है और ना ही पितलिया की ओर से इसपर कोई प्रतिक्रिया आई है। ये विषय सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस के बेफिजूल के आरोप और मीडिया में प्रचारित खबरों के कारण चर्चा में है।

 

'परिस्थिति के अनुसार मीडिया से दूरी स्वाभाविक'

पितलिया के नामांकन वापसी के बाद से ही मीडिया से दूरी बनाए जाने पर भी पूनिया ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि नामांकन वापसी के बाद से लादूलाल पितलिया मीडिया के बार-बार सवाल पूछे जाने से परेशान थे। साथ ही उस समय की परिस्थिति में उनकी भावनाओं को देखते हुए वे स्वाभाविक रूप से असहज थे। यही वजह रही कि उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी।

भाजपा के लिए ‘कमिटेड’ हैं लादूलाल पितलिया
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनिया ने लादूलाल पितलिया को भारतीय जनता पार्टी का ‘कमिटेड’ कार्यकर्ता बताया है। उन्होंने कहा कि वे सामान्य तौर पर पहले से ही पार्टी की विचारधारा से जुड़े हुए रहे हैं। वहीं अयोध्या के रामजन्म भूमि पर श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए उनकी ओर से 41 लाख रूपए का सहयोग देना भी पार्टी के प्रति उनके कमिटमेंट को दर्शाता है।

 

भाजपा हुई मजबूत, कांग्रेस को झटका
लादूलाल के नामांकन वापसी को पूनिया ने भाजपा की मजबूती और कांग्रेस को ज़ोरदार झटका करार दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पितलिया उपचुनाव में पार्टी के पक्ष में प्रचार करेंगे।

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