ACB ने किया झोटवाड़ा एसीपी घूसकांड में एक और बड़ा खुलासा, 'एसीपी को 5 लाख, एसएचओ को 60 हजार'

ACB ने किया झोटवाड़ा एसीपी घूसकांड में एक और बड़ा खुलासा, 'एसीपी को 5 लाख, एसएचओ को 60 हजार'

neha soni | Publish: Feb, 16 2019 02:52:24 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

दोनों के लिए रीडर कर रहा था उगाही!
दलाल की डायरी में भी मिला लेखाजोखा
इधर एसीबी बोली, एसीपी नहीं मिला तो वारंट निकलवा भगौड़ा घोषित करवाएंगे

जयपुर. एसीबी ने झोटवाड़ा एसीपी घूसकांड में एक और बड़ा खुलासा किया है। एसीबी को झोटवाड़ा थाने के रीडर बख्तू खान के पास तीन पर्चियां मिलीं। इनमें एसीपी, एसएचओ और अन्य थाना पुलिस को रकम देने की बात लिखी मिली है। एसीबी ने बताया कि एक पर्ची में 5 एसीपी (5 लाख), 60 एसएचओ (60 हजार) व अन्य थाना पुलिसकर्मी, दूसरी पर्ची में 60 एसएचओ, 5 एसीपी ऑफिस और तीसरी पर्ची में भी यही लिखा मिला है। तीनों पर्चियों के संबंध में रीडर से पूछताछ की जा रही है। इतना जरूर सामने आया है कि वही उगाही का काम करता था। इसका नमूना एसीबी ने दलाल सुमंत को पकड़ा और उसके बाद बख्तू को हिरासत में लिया, तब देखने को मिला। डीजीपी ने एसीपी को निलंबित करने की अनुशंसा की फाइल गृह विभाग को भेज दी।

दलाल का हिसाब
एसीबी को दलाल सुमंत की जो डायरी मिली, उसमें मिला है कि राजवीर से पहले लिए गए 3 लाख रुपए में झोटवाड़ा एसीपी, एसएचओ और अन्य थाना स्टाफ को दिए।

बेनामी सम्पत्ति अधिक
ट्रेप की कार्रवाई में जुटी टीम ने बताया कि एसीपी के पासस बेनामी सम्पत्ति अधिक बताई जा रही है। कुछ लोगों से एसीपी की ऐसी सम्पत्ति होने की जानकारी मिली है। जो खरीदी एसीपी ने और नाम किसी अन्य के है। इसकी भी जांच की जा रही है।

हर जेब में रकम, कहां से आई पता नहीं
एसीबी ने बताया कि बख्तू को हिरासत में ले तलाशी ली गई। तब उसकी सभी जेबों में रुपए मिले। पूछताछ में उसने पच्चीस तीस हजार रुपए होने बताए। जब रुपयों की गिनती की गई तो 74 हजार रुपए निकले। रुपए अलग-अलग मिलने से संभावना है कि यह रकम भी अलग-अलग लोगों से एकत्र की गई थी। पूछताछ में उसने बताया कि एक परिचित महिला के कैंसर है, उसके इलाज के लिए रुपए लाया है। लेकिन आरोपी रीडर बख्तू खान ने यह नहीं बताया कि रुपए कहां से लाया है।

और भी पीडि़त पहुंचे
एसीपी आस मोहम्मद के खिलाफ एसीबी के पास जांच सही होते हुए भी अभद्र व्यवहार कर बंद करने और जांच गलत करने के करीब एक दर्जन मामलों के पीडि़त लोग और सामने आए हैं। ये सभी मामले पुलिस महानिदेशक को भेजे जाएंगे।
डॉ. आलोक त्रिपाठी, डीजी, एसीबी
रंगे हाथ गिरफ्तार रीडर और दलाल से पैसों के बंटवारे के संबंध में पूछताछ की
जा रही है। एसीपी की सम्पत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है।
सौरभ श्रीवास्तव, एडीजी, एसीबी

‘फर्जी मुकदमे में फंसा मोटी रकम ऐंठकर बांट लेंगे’
एसीबी की माने तो राजवीर सिंह के खिलाफ झोटवाड़ा थाना पुलिस ने झूठा मुकदमा दर्ज किया था। इसी मुकदमे में राजवीर को गिरफ्तार किया गया और वह 49 दिन जेल में रहकर आया था। बाद में समझौता कर मुकदमे में से राजवीर की पत्नी का नाम हटाने और धाराएं कम करने के बदले में उससे तीन लाख रुपए वसूले गए। एसीबी को सर्च में दलाल सुमंत के पास से एक कागज मिला है। उस कागज में लिखा हुआ है कि राजवीर फंसाकर उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराएंगे। बाद में उससे मोटी रकम ऐंठकर बांट लेंगे। जिस केस में राजवीर को गिरफ्तार किया गया, उसका हवाला भी मिला है। एसीबी के आईजी दिनेश एमएन ने बताया कि एसीपी आस मोहम्मद पकड़ में नहीं आता तो कोर्ट में अर्जी लगा उसके खिलाफ वारंट निकलवाएंगे और फिर भगौड़ा घोषित किया जाएगा।
क्या दस फीसदी रकम?: पुलिस मुख्यालय में यह चर्चा जोरों पर चल रही है कि थाना पुलिस की क्या हालात हो गई। ना जांच करनी और ना कुछ, बस गिरफ्तारी करने के बदले में 10 फीसदी रकम वसूली जा रही है। झोटवाड़ा थाना पुलिस को सीआईडी ने जांच कर गिरफ्तारी करने के आदेश दिए थे। इसमें भी दस फीसदी रकम मांग ली।

घूसखोरी के चक्रव्यूह में पुलिस ने ऐसे फांसा
राजवीर (फरियादी) - फरियादी राजवीर द्वारा एसीबी के पास पहुंचा तो राडार पर आए आरोपी, फिर...
आस मोहम्मद (एसीपी)- एसीबी के कहने के बाद आस मोहम्मद (एसीपी) से मिलने फरियादी पहुंचा

प्रदीप चारण (एसएचओ)- रीडर बख्तू ने फरियादी से कार्रवाई करने के बदले सेवा करने के लिए कहा

बख्तू खान (रीडर)- रीडर बख्तू ने एपीपी और दलाल सुमंत से मिलने भेजा, रीडर ने 1000 ले लिए और पांच हजार बाद में देना तय किया

चन्द्रभान (एपीपी) - दलाल ने फरियादी से 3.60 लाख मांगे, फिर दलाल व रीडर ने मिलकर सौदा 2.50 में तय किया।

सुमंत सिंह (दलाल) - फरियादी एसीपी से मिला और सौदे की बात बताई, तब एसीपी ने रीडर पर कार्रवाई के निर्देश दिए। फिर दलाल ने अग्रिम एक लाख रु. वसूले तो एसीबी ने दबोच लिया।

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