Power Crisis in Rajasthan : बिजली संकट के लिए सरकार की अकर्मण्यता जिम्मेदार-राठौड़

उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि सीएम अशोक गहलोत और ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला 24 हजार 690 मेगावाट विद्युत उत्पादन कर राजस्थान को विद्युत क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने का दंभ भरकर जनता को भ्रमित कर रहे थे।

By: Umesh Sharma

Published: 08 Oct 2021, 10:01 PM IST

जयपुर।

उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि सीएम अशोक गहलोत और ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला 24 हजार 690 मेगावाट विद्युत उत्पादन कर राजस्थान को विद्युत क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने का दंभ भरकर जनता को भ्रमित कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर देश में सर्वाधिक बिजली उत्पादन करने वाले राजस्थान में एक बार फिर कोयले की आपूर्ति नहीं होने के कारण अरबों रुपए की लागत से बने अधिकतर थर्मल पावर प्लांट बंद होने के कगार पर हैं।

राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समय पर कोल कंपनियों को भुगतान नहीं करने तथा कुप्रबंधन के कारण हुई कोयले की कमी से राजस्थान में सूरतगढ़ थर्मल की 250-250 मेगावट की 5 यूनिट बंद हैं तथा तकनीकी कारणों से छबड़ा की 660 मेगावाट की 1 यूनिट, कालीसिंध की 600 मेगावाट की 1 यूनिट और छबड़ा थर्मल की 250 मेगावाट की 3 यूनिट बंद हैं।

राठौड़ ने कहा कि राज्य में बिजली वितरण कम्पनियों को समय पर बकाया भुगतान नहीं कराए जाने से उत्पन्न कोयले संकट के लिए गहलोत सरकार जिम्मेदार है। राज्य सरकार की अकर्मण्यता के कारण प्रदेश में एक बार फिर से विद्युत सिस्टम हांफने लगा है और गांवों-शहरों में अघोषित बिजली कटौती से अधिकतर आबादी अंधकार की चपेट में हैं।

Umesh Sharma Reporting
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