राजस्थान भाजपा में इन 14 सीटों पर टिकट लगभग तय, जानें किस सीट से कौन है 'संभावित' उम्मीदवार

राजस्थान भाजपा में इन 14 सीटों पर टिकट लगभग तय, जानें किस सीट से कौन है 'संभावित' उम्मीदवार

Santosh Kumar Trivedi | Publish: Mar, 17 2019 02:18:00 PM (IST) | Updated: Mar, 17 2019 02:34:10 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

राजस्थान में भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 14 सीटों पर नाम लगभग तय कर लिए हैं। 11 सीटों पर भाजपा में पेंच फंसा हुआ है।

जयपुर। राजस्थान में भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 14 सीटों पर नाम लगभग तय कर लिए हैं। 11 सीटों पर भाजपा में पेंच फंसा हुआ है। इन सीटों पर कई तरह के दबाव के कारण नाम नहीं तय हो पा रहा है।

 

इन 11 सीटों पर फंसा है पेंच
प्रदेश की जिन 11 सीटों पर पेंच फंसा हुआ है उनमें बाड़मेर-जैसलमेर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, जयपुर शहर, चूरू, धौलपुर-करौली, दाैसा, सीकर, अलवर, टोंक-सवाईमाधोपुर और अजमेर सीट शामिल हैं। इनमें से 3 सीट अजमेर, अलवर और दौसा में भाजपा के सांसद नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक इन सीटों पर नामों को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी को कई-कई दौर की बैठकें करनी पड़ रही है। राजस्थान के लिए सूची को लेकर अमित शाह आज प्रदेश प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी, चन्द्रशेखर और गुलाबचंद कटारिया से सीटवार चर्चा करेंगे।

 

14 सांसदों को फिर से उतारने पर विचार
भाजपा 14 सांसदों को चुनाव में फिर से उतारने पर विचार कर रही है। इनमें झालावाड़ से दुष्यंत सिंह, बीकानेर अर्जुन मेघवाल, बांसवाड़ा से मान शंकर निनावा, भीलवाड़ा सुभाष बहेड़ियां, चित्तौडगढ़ से चंद्रप्रकाश जोशी, जयपुर ग्रामीण राज्य वर्धन सिंह राठौड़, जालोर सिरोही देव जी पटेल, कोटा से ओम बिलड़ा, नागौर से सीआर चौधरी, पाली से पीपी चौधरी, झूंझुनू से संतोष अहलावत, उदयपुर से अर्जुन लाल मीणा, राजसमंद हरिओम सिंह राठौड़ और जोधपुर से गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम लगभग तय है।

 

कुछ सांसदाें की बदली जा सकती है सीट
हालांकि इनमें से कुछ सांसदों की सीट बदली भी जा सकती है। हाल में भाजपा से अलग हुए दिग्गज नेता देवी सिंह भाटी के विरोध के कारण केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की सीट बदलकर उन्हें श्रीगंगानगर से लड़ाने पर विचार चल रहा है। केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी की भी सीट बदलने की चर्चा है। उनका नाम नागौर के अलावा अजमेर लोकसभा सीट से भी चर्चा में है। पाली सांसद व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी के खिलाफ भी उनकी ही पार्टी में विरोध होने लगा है। पार्टी के विधायक व बड़े नेता लोकसभा चुनाव में उन्हें पाली क्षेत्र से उम्मीदवार नहीं बनाने की मांग कर रहे हैं।

 

राजेन्द्र राठौड़ आैर राहुल कस्वा में मतभेद
चूरू सांसद राहुल कस्वा आैर प्रदेश की विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे चूरू से वर्तमान विधायक राजेन्द्र राठौड़ के मतभेद किसी से छिपे नहीं है। कई मौकों पर राठौड़ यह कह चुके हैं कि चूरू में दावेदारों की कमी नहीं है। राठौड़ खुद भी यहां से अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। वे कह चुके हैं कि अगर पार्टी यहां से उनकाे लाेकसभा चुनाव लड़ाएगी तो वे जरूर लड़ेंगे। चूरू से रामसिंह कस्वा चार बार सांसद रह चुके हैं। 2014 में यहां से रामसिंह कस्वा के पुत्र राहुल कस्वा चुनाव जीता। लेकिन पिछले दशकों की राजनीति से परे इस बार की जिले की राजनीति इतिहास बदल सकती है।

 

दौसा से किसे मिलेगा टिकट?
भाजपा के बड़े नेता पूर्व विधायक दीया कुमारी को टिकट तो देना चाहते हैं, लेकिन अभी कोई सीट तय नहीं हो सकी है। दीया खुद जयपुर से लडऩे की इच्छुक हैं, जबकि पार्टी जयपुर के अलावा उन्हें राजसमंद, अजमेर और टोंक-सवाईमाधोपुर से भी टिकट देने पर विचार कर रही है। पार्टी ने तय किया है कि दीया को वहीं से लड़ाया जाएगा, जहां से वे जीत सकती हैं। दौसा से हरिश मीणा 2014 में भाजपा के टिकट पर लाेकसभा चुनाव जीते। विधानसभा चुनावाें से पहले उन्हाेंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। वर्तमान में वे कांग्रेस से विधायक है। भाजपा दौसा से किरोड़ी लाल मीणा या उनकी पत्नी गोलमा देवी काे चुनावी मैदान में उतार सकती है। महवा से निर्दलीय विधायक ओम प्रकाश हुड़ला भी अपनी पत्नी को दौसा से टिकट दिलवाना चाहते हैं। चर्चा है कि वे इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों से संपर्क में हैं।

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