Rajasthan BJP: मिशन 'निकाय फतह' में जुटी भाजपा, ‘जिताऊ’ प्रत्याशी चयन प्रक्रिया ज़ोरों पर, जानें Latest Update

20 जिलों की 90 निकायों में चुनावी महासमर, प्रदेश भाजपा में प्रत्याशी चयन प्रक्रिया ज़ोरों पर, चुनाव प्रभारियों को मिल रहे बड़ी संख्या में आवेदन, भाजपा सिम्बल से चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ता उत्साहित, एक-दो दिन में सूची को दे दिया जाएगा अंतिम रूप, प्रदेश मुख्यालय से लगेगी प्रत्याशी सूची पर अंतिम मुहर, स्थानीय स्तर पर ही घोषित किये जायेंगे प्रत्याशी, 15 जनवरी दोपहर 3 बजे तक भरे जा सकेंगे नामांकन

By: nakul

Published: 12 Jan 2021, 01:05 PM IST

जयपुर।


प्रदेश भाजपा में 20 जिलों की 90 निकायों में हो रहे चुनाव के मद्देनज़र प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया ज़ोरों पर है। चुनाव क्षेत्रों में पहुंचे प्रभारी प्रदेश नेतृत्व की ओर से तय मापदंडों के आधार पर प्रत्याशी चयन को अंतिम रूप दे रहे हैं। वहीं निकायों में चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता-कार्यकर्ताओं का जोश और उत्साह इस बात से भी देखा जा सकता है कि चुनाव प्रभारियों को इन निकायों में बड़ी संख्या में आवेदन मिल रहे हैं।


गौरतलब है कि चुनाव आयोग की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम के तहत नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 15 जनवरी दोपहर तीन बजे तक नामांकन का आखिरी समय है। ऐसे में निकाय में पहुंचे प्रभारियों के पास अब चार दिन का समय शेष रह गया है।


13 या 14 जनवरी तक साफ़ होगी तस्वीर
भाजपा सूत्रों की माने तो निकायों में पहुंचे चुनाव प्रभारी 13 या 14 जनवरी तक सूची प्रदेश मुख्यालय को सौंप देंगे। चयनित आवेदन एक से ज़्यादा होने पर प्रभारी दो से तीन नामों का पैनल प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएंगे जहां से किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।


स्थानीय स्तर पर घोषित होंगे नाम!
प्रत्याशी चयन को भले ही प्रदेश मुख्यालय से अंतिम मुहर लगाई जायेगी, लेकिन किसी भी तरह के टकराव और असंतोष से बचने के लिए हर बार की तरह स्थानीय स्तर पर ही गुप-चुप तरीके से नामों की घोषणा की जा सकती है। पार्टी की ऐसी व्यवस्था हाल ही में हुए 12 जिलों की 50 निकायों में हुए चुनावों में भी देखने को मिली थी।


ये रखे गए हैं मापदंड
पार्टी सूत्रों की माने तो प्रत्याशी चयन में इस बार भी वही मापदंड अपनाए जा रहे हैं जो बीते चुनावों में रहे हैं। भाजपा नेताओं को मिले गाइडलाइन के अनुसार निकाय में मजबूत पकड़ वाले और ज़मीन से जुड़े कार्यकर्ता को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं अनुभवी या युवा चेहरों को मिली-जुली तवज्जो दी जा रही है।

साथ ही स्थानीय निकाय का निवासी होना और स्वच्छ छवि होना भी प्रत्याशी चयन के आधार रखे गए हैं। वहीं इन सभी आधारों के बीच सबसे महत्वपूर्ण सोशल इंजीनीयरिंग के लिहाज़ से जातिगत समीकरणों का भी ध्यान रखा जा रहा है।


जयपुर से मिलेगा ‘ग्रीन सिग्नल’
भाजपा में प्रत्याशी चयन के लिए निकाय प्रभारियों की कोशिश सिंगल नाम पर सहमति बनाने की है। हालांकि ज़्यादातर निकायों में एक से ज़्यादा नाम के विकल्प होने की स्थिति में चयनित आवेदनों के पैनल बनाकर प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाए जायेंगे, जहां से वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सिंगल नामों को ग्रीन सिग्नल दिया जाएगा।


प्रदेश मुख्यालय की पैनी नज़र
निकायों में चुनाव प्रभारी भले ही स्थानीय स्तर पर रायशुमारी कर प्रत्याशी चयन को अंजाम दे रहे हों, लेकिन प्रदेश मुख्यालय की भी इस पूरी प्रक्रिया में पैनी नज़र बनी हुई है। दरअसल, पार्टी नेतृत्व प्रत्याशी चयन के लिए हर बार मुख्यालय स्तर से भी आतंरिक सर्वे करवाता आया है, जो इस बार भी जारी है। इस सर्वे से मिले फीडबैक चयनित आवेदकों के पैनल मिलने की स्थिति में मददगार रहते हैं।

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