राजस्थान: ‘बगावती’ नेताओं के खिलाफ एक्शन मोड में BJP, ‘धड़ाधड़’ चल रहा अनुशासन का डंडा!

‘बगावातियों’ के खिलाफ प्रदेश भाजपा सख्त, भीलवाड़ा के बाद अब बीकानेर देहात में कार्रवाई, दो वरिष्ठ नेता 6 वर्ष के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित, पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की थी शिकायतें, पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के लिए डटे रहे चुनाव मैदान में, अनुशासन समिति की अनुशंसा, प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश, कुछ शिकायतें पेंडिंग, अभी जारी रहेगा कार्रवाई का सिलसिला

 

By: nakul

Published: 05 Feb 2021, 11:58 AM IST

जयपुर।

निकाय चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले नेताओं पर प्रदेश भाजपा ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। ताज़ा कार्रवाई बीकानेर देहात भाजपा में हुई है जहां दो वरिष्ठ नेताओं पर अनुशासन का डंडा चलाया गया है। गौरतलब है कि पार्टी ने हाल ही में भीलवाड़ा में भी निकाय चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 18 नेताओं का एक साथ निष्कासन किया था।

दो वरिष्ठ नेता 6 वर्ष के लिए निष्कासित
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने बीकानेर देहात भाजपा की रिपोर्ट पर एक्शन लेते हुए दो वरिष्ठ नेताओं प्रीती शर्मा और जुगल किशोर को पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित करने के आदेश जारी किये हैं। भाजपा नेत्री प्रीती शर्मा पर जहां भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ नगरपालिका चेयरमेन का चुनाव लड़ने की शिकायत थी, तो वहीं जुगल किशोर की पार्टी विरुद्ध गतिविधियों में भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।

भीलवाड़ा में भी चल चुका है अनुशासन का डंडा
प्रदेश भाजपा की अनुशासन समिति की अनुशंसा पर प्रदेशाध्यक्ष डॉ पूनिया बीते दिनों भीलवाड़ा में भी 18 ‘बगावती’ नेताओं पर अनुशासन का डंडा चला चुके हैं। इन नेताओं पर भी भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की शिकायतें मिली थी।

कार्रवाई के तहत भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष रेखा पुरी और चार पूर्व पार्षद समेत 18 कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित करने का सख्त कदम उठाया गया था।

नेता-कार्यकर्ताओं को दिए गए नोटिस
जानकारी के अनुसार भाजपा की अनुशासन समिति ने निकाय चुनाव में बगावती नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया हुआ है। बागी प्रत्याशियों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की भूमिका की शिकायतों पर कारण बताओ नोटिस भी जारी किये गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरूद्ध प्रसंज्ञान लेकर कार्रवाई की जा रही है।

‘बगावत’ नहीं बर्दाश्त
प्रदेश अध्यक्ष डॉ पूनिया पहले ही ये साफ़ कर चुके हैं कि पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला संगठनों से लगातार मिल रही शिकायतों की जांच पड़ताल कर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।

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