विधानसभा सचिवालय में ही धरने पर बैठ गए Madan Dilawar, जानें क्यों गुस्साए भाजपा एमएलए

विधानसभा अध्यक्ष के फैसले की कॉपी नहीं देने को लेकर आज विधानसभा सचिवालय में धरना दे दिया।

By: nakul

Updated: 27 Jul 2020, 12:46 PM IST

जयपुर

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के विधायक मदन दिलावर बहुजन समाज पार्टी के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में उनकी याचिका पर विधानसभा अध्यक्ष के फैसले की कॉपी नहीं देने को लेकर आज विधानसभा सचिवालय में धरना दे दिया। हालाँकि धरने के बाद उन्हें स्पीकर के फैसले की कॉपी दी गई जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।

दिलावर ने बताया कि उन्हें इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डा सी पी जोशी द्वारा दिये गये फैसले के बारे में जानकारी मिलने के बाद वह आज विधानसभा सचिवालय गये और इस बारे में निर्णय की कॉपी मांगी लेकिन उन्हें कॉपी नहीं दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि कॉपी देने में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि हालांकि कॉपी देने के लिए मना नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें कॉपी देने में देरी की जा रही है। उन्होंने कॉपी शीघ्र देने का अनुरोध किया लेकिन नहीं मिलने के बाद वह विधानसभा सचिवालय में धरने पर बैठ गये। उनका कहना है कि कॉपी नहीं मिलने तक वह धरने पर बैठे रहेंगे।

दिलावर ने बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में जाने के खिलाफ गत 16 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष के पास याचिका लगाई थी, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसे चुनौती देने के लिए दिलावर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

राजस्थान हाईकोर्ट में आज बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय होने के मामले में सुनवाई होगी। भाजपा विधायक की ओर से दायर हुई याचिका पर जस्टिस महेंद्र गोयल की एकलपीठ सुनवाई करेगी। ये मामला हाईकोर्ट के आज के कामकाज की मुख्यवाद सूची में 56 वें क्रम में सूचीबद्ध है।

दिलावर की इस याचिका में विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी के अलावा विधानसभा सचिव और बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों को पक्षकार बनाया गया है। मामले की सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ये ऐसे समय पर आया है जब सरकार बचाए रखने के लिए विधायकों के संख्याबल में बसपा के ये छह विधायक बेहद अहम् किरदार अदा कर रहे हैं।

आरोप- शिकायत के बाद भी स्पीकर ने नहीं की सुनवाई
भाजपा विधायक मदन दिलावर ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि उन्होंने विधानसभा स्पीकर के समक्ष बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के सम्बन्ध में एक शिकायती याचिका प्रस्तुत की थी। लेकिन चार महीने बाद भी उन्होंने इस पर कोई सुनवाई नहीं की। यही नहीं स्पीकर ने याचिका को निरस्त तक कर दिया।

ये है मामला
18 सितम्बर, 2019 को बहुजन समाज पार्टी 6 सदस्यों के कांग्रेस में विलय के आदेश जारी हुए थे, जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए मदन दिलावर ने 16 मार्च, 2020 को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका प्रस्तुत की गई थी। इस याचिका में विलय को अमान्य करार देने की मांग की गई थी। जब याचिका पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 17 जुलाई को दिलावर ने फिर स्मरण पत्र लगाया था। जिस पर स्पीकर ने याचिका को निरस्त कर दिया।

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