Mla के वेतन-भत्तों पर दिग्गज नेता ने दिया बयान, बोले - 'देश के सभी प्रदेशों से हमारी तनख्वाह ज्यादा नहीं'

Salary and Allowances of Minsiters-MLAs in Rajasthan : Mla के वेतन—भत्तों ( Salary and Allowances of MLAs ) में बढ़ोतरी के बाद भी नेताजी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। विधायक कोष की बजाय विधायकों के वेतन—भत्तों में बढ़ोतरी के सवाल पर नेताजी ने कहा कि देश के सभी प्रदेशों के विधायकों के वेतन से तुलना की जाए तो हमारा वेतन ज्यादा नहीं है।

By: rohit sharma

Published: 05 Sep 2019, 09:03 PM IST

उमेश शर्मा/जयपुर। विधायकों के वेतन—भत्तों ( Salary and Allowances of MLAs ) में बढ़ोतरी के बाद भी नेताजी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। विधायक कोष की बजाय विधायकों के वेतन—भत्तों में बढ़ोतरी के सवाल पर नेताजी ने कहा कि देश के सभी प्रदेशों के विधायकों के वेतन से तुलना की जाए तो हमारा वेतन ज्यादा नहीं है। यही नहीं विधायक जी ने यह तक मांग कर डाली की विधायकों के वेतन को प्राइस इंडेक्स से जोड़ दिया जाए।

राजस्थान सरकार ( Rajasthan Government ) ने बजट सत्र ( Rajasthan Budget 2019 ) में राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन विधेयक-2019 ( Rajasthan Ministers Salaries Bill 2019 ) को ध्वनिमत से पारित किया गया था। सत्र के दौरान कई मुद्दों को लेकर पक्ष और विपक्ष के सदस्य आपस में उलझते दिखे। विरोध के चलते कई बार विधासभा स्थगित भी करनी पड़ी, लेकिन इस संशोधन विधेयक को पारित कराते समय सभी विधायक एक नजर आए। चंद मिनटों में विधेयक को पारित भी कर दिया गया। इसके बाद भी उपनेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ विधायक राजेंद्र राठौड़ ( Rajendra Rathore ) का कहना है कि हमारा कोई वेतन आयोग नहीं होता। इसलिए वेतन को महंगाई सूचकांक से जोड़ना चाहिए। आइए आपको बताते हैं इस विधेयक के पारित होने के बाद राजस्थान में मंत्री—विधायकों को कितना वेतन मिल रहा है।

मंत्री—विधायकों का यूं बढ़ा वेतन ( Rajasthan Ministers Salaries )

- मुख्यमंत्री का वेतन 55 हजार से 75 हजार

- विधानसभा अध्यक्ष का 50 हजार से 70 हजार

- विधानसभा उपाध्यक्ष का 45 हजार से 65 हजार

- कैबिनेट मंत्री का 45 हजार से 65 हजार

- राज्यमंत्री का 42 हजार से 62 हजार

- ससंदीय सचिव का 40 हजार से 60 हजार

- मुख्य सचेतक का 45 हजार से 65 हजार

- उप मुख्य सचेतक का 42 हजार से 62 हजार

- नेता प्रतिपक्ष का 45 हजार से 65 हजार

- उप मंत्री का वेतन 40 हज़ार से बढ़ाकर 60 हजार

विधायकों का वेतन-भत्ता ( Rajasthan MLAs Salary and Allowances )

- वेतन 25 हजार से बढ़ाकर 40 हजार

- निर्वाचन भत्ता 50 हजार से 70 हजार

- दैनिक भत्ता 1500 से 2 हजार

- राज्य से बाहर 2500 रुपए

- टेलीफोन भत्ता प्रतिमाह 2500 रुपए

- निर्वाचन क्षेत्र में भ्रमण के लिए वाहन पेटे अधिकतम 45000 प्रति माह

- रेल—हवाई भत्ता सालाना 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए

- मकान किराया 20 हजार से 30 हजार रुपए

यह पहला मौका नहीं था जब वेतन—भत्ता बढ़ाने के लिए पक्ष—विपक्ष के विधायक एक नजर आए हों। हर बार जब भी इस तरह का मसला विधानसभा के पटल पर आता है तो सभी एक सुर में सभी हामी भरते हैं। अब सवाल उठना लाजमी है कि आखिर जनता से जुड़े मुद्दों पर भी सभी एकराय क्यों नहीं बना पाते।

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