राजस्थान: वसुंधरा-कटारिया-राठौड़-पूनिया के निशाने पर चौतरफा घिरे सीएम गहलोत, जानें क्यों गर्माया सियासी पारा?

प्रदेश में फिर गर्माया कानून व्यवस्था का मुद्दा, जोधपुर में पुलिस लाठीचार्ज के बाद चूरु में गैंगवार की घटना, एक के बाद एक घटनाओं पर भाजपा नेता हुए मुखर, राजे समेत सीनीयर नेताओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, फिलहाल बयानों के ज़रिये नेताओं का ‘हल्ला-बोल’, विधानसभा सत्र में भी पुरजोर तरीके से उठेगा मुद्दा! विरोधियों के निशाने पर ‘गृह मंत्री’ अशोक गहलोत

 

By: nakul

Published: 06 Feb 2021, 10:21 AM IST

जयपुर।

प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर जोर-शोर से उठने लगा है। जोधपुर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और फिर चूरु में गैंगवार की एक के बाद एक दो ताज़ा घटनाओं के बाद सियासी पारा गर्माया हुआ है। क्योंकि मुद्दा गृह विभाग से जुडा है लिहाजा विभाग के मुखिया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विपक्ष के निशाने पर हैं।

 

फिलहाल भाजपा नेता बयानों के ज़रिए सीएम गहलोत पर ‘डाइरेक्ट अटैक’ कर रहे हैं। वहीं संभावना पूरी बनी हुई है कि 10 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा बजट सत्र के दौरान भी विपक्ष इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएगा।

 

वसुंधरा समेत भाजपा नेता हुए ‘हमलावर’
कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरने की कमान एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने संभाली है। राजे के अलावा नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने बीते दो दिनों में हुए घटनाक्रमों पर मुख्यमंत्री और सरकार को आढे हाथ लिया है।

 

‘अपराधियों के आगे घुटने टेक चुकी सरकार’: राजे
पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने चूरु के हमीरवास थाना इलाक़े में हुई गैंगवार घटना पर गहलोत सरकार को खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने एक प्रतिक्रिया में कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था अपराधियों के आगे घुटने टेक चुका है। उन्होंने सरकार से सवाल किया, ‘कांग्रेस सरकार जवाब दे कि पुलिस तंत्र से बेख़ौफ़ बदमाशों को किसका संरक्षण प्राप्त है?’

 

वहीं सीएम गहलोत के गृह क्षेत्र जोधपुर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज मामले में भी सरकार राजे के निशाने पर रही। पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि छात्रों के मुद्दे संवाद से हल होने चाहिए लेकिन उन्हें लाठियां खानी पड़ रही हैं।

 

‘पुलिस लाठीचार्ज सरकार का राजनीतिक हथकंडा’: कटारिया
नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने भी कानून व्यवस्था मुद्दे पर सरकार को घेरा है। जोधपुर में पुलिस लाठीचार्ज पर उन्होंने कहा छात्रों के साथ बर्बरता केवल निंदनीय नहीं है, बल्कि ये दमन है। छात्र वहां हंगामा करने और देश विरोधी नारे लगाने नहीं पहुंचे थे, वे अपनी मांगें रख रहे थे। इस पर पुलिस बुलाकर लाठीचार्ज करना एक राजनीतिक हथकंडा है।

 

‘अपराध बेलगाम, अपराधी बेख़ौफ़’: राठौड़
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने भी कानून व्यवस्था के मुद्दे पर आक्रामक तेवर दिखाए हैं। खुद के विधानसभा क्षेत्र में गैंगवार की घटना पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध बेलगाम है और अपराधी बेखौफ हैं। चूरू गैंगवार की घटना ने प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था, अपराधियों के बुलंद हौंसलों और जंगलराज का प्रमाण दिया है। गैंगवार में दो निरपराध नागरिकों की मौत होना पुलिस के माथे पर कलंक है। पुलिस प्रशासन की नाकामी के चलते चूरू जिला अपराधियों की ऐशगाह बन गया है और गैंगवार आम बात हो गई है।

 

वहीं जोधपुर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राठौड़ ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीति व तानाशाही अब चरम पर है जिसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है।

 

‘सरकार का दमकारी मुखौटा उजागर’: डॉ पूनिया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया भी जोधपुर में पुलिस लाठीचार्ज पर बयान दे चुके हैं। उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज से गहलोत सरकार का दमनकारी मुखौटा उजागर हुए है। छात्रों से टकराकर सरकार स्वयं पतन को आमंत्रण दे रही है।

 

विधानसभा में भी गरमाए मुद्दा
राज्य विधानसभा का बजट सत्र 10 फरवरी से शुरू हो रहा है। हर बार की तरह इस बार भी विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरने का इरादा किया है। हालांकि सत्र के दौरान की रणनीति भाजपा विधायक दल की बैठक में तय होगी, लेकिन कानून व्यवस्था के मामले पर बीते दिनों हुई घटनाएं स्वाभाविक रूप से विपक्ष के एजेंडे में रहने वाला है। ऐसे में साफ़ है कि सदन में भी कानून व्यवस्था का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठेगा और गृह मंत्री मुख्यमंत्री अशोक गहलोत निशाने पर रहेंगे।

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