शहरी लोग गांवों में पहुंचकर लगवा रहे वैक्सीन, ग्रामीण हो रहे महरूम : रामलाल शर्मा

कोरोना 'महा संकट' के बीच सियासी बयानबाज़ी जारी, भाजपा ने अब उठाये वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर सवाल, चौमूं विधायक बोले, 'वैक्सीन से महरूम हो रहे ग्रामीण'

 

By: nakul

Published: 20 May 2021, 01:58 PM IST

जयपुर।


प्रदेश में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण को लेकर जारी वैक्सीनेशन कार्यक्रम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में भाजपा ने एक बार फिर वैक्सीनेशन को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता व चौमूं विधायक रामलाल शर्मा ने राज्य सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिकता से वैक्सीनेशन करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि शहरों से निकलकर अब संक्रमण गाँवों में पहुँच गया है। लिहाज़ा समय रहते और प्राथमिकता के साथ ग्रामीणों को वैक्सीन लगवाना ज़रूरी हो गया है।


वैक्सीनेशन अभियान में कमियों और खामियों की और इशारा करते हुए चौमूं विधायक ने कहा कि एक तरफ वैक्सीन की कमी तो दूसरी तरफ शहरी लोग चौमूं आकर मोबाइल में रजिस्ट्रेशन दिखाकर वैक्सीन लगवा रहे हैं। ऐसे में स्थानीय ग्रामीण वैक्सीन के इंतजार में ही रा जाते हैं। उन्होंने इस व्यवस्था की कमी को दूर करने का आग्रह भी किया।

इधर, व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी सरकार

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश में कोविड के संक्रमण की कड़ी को तोड़ने, संक्रमित मरीजों को समुचित उपचार देने, उन्हें चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने, मृत्यु दर को न्यूनतम किए जाने के लिए घर-घर सर्वे और दवाई वितरण के कार्य को गति देने के लिए जिला स्तर पर ‘कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट‘ और ‘कोविड स्वास्थ्य सहायकों‘ को 31 जुलाई 2021 तक नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा चयन या मनोनयन करने के निर्देश दिए हैं। इनका चयन उसी तरह से होगा जैसे नागरिक सुरक्षा विभाग जिला स्तर पर स्वयंसेवकों का करता है।

चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने इस बारे में दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया कि प्रदेश 1 हजार कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट नियोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट के लिए न्यूनतम योग्यता एमबीबीएस एवं राजस्थान मेडिकल काउन्सिल में पंजीकृत होना कोविड स्वास्थ्य सहायक के लिए न्यूनतम योग्यता नर्स ग्रेड द्वितीय या जीएनएम व आरएनसी में पंजीकृत होना आवश्यक है। कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट को मासिक मानदेय 39300 रुपए और कोविड स्वास्थ्य सहायक को मासिक मानदेय 7900 रुपए प्रतिमाह देय होगा।

अरोड़ा ने बताया कि कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट की सेवाएं कोविड कन्सलटेन्ट सेंटर तथा घर-घर सर्वे कार्य को गति देने तथा पर्यवेक्षण के लिए ली जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक, पीएचसी पर 2 और सीएचसी पर 3 कोविड स्वास्थ्य सहायकों को नियोजित किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों के लिए प्रति वार्ड दो कोविड स्वास्थ्य सहायकों का नियोजन जिला चिकित्सालय, कोविड केयर सेंटर, ऑक्सीजन मॉनीटर और कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोविड स्वास्थ्य सहायको का नियोजन संबंधित सीएचसी या पीएचसी एवं ग्राम पंचायतों में व जिले में कोविड संक्रमण की स्थिति की गंभीरता के आधार पर किया जाएगा।

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