किसान की खुदकुशी पर भाजपा सांसद के बेतुके बोल

सांसद उपेन्द्र रावत ने कहा: प्रेशर में उनका दिमाग काम नहीं किया
उत्तरप्रदेश के बाराबंकी में कर्ज के कारण किसान ने की आत्महत्या

By: Sharad Sharma

Updated: 01 Mar 2020, 01:14 PM IST

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में कर्ज में डूबे किसान ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। वहीं किसान की मौत पर अब भारतीय जनता पार्टी के सांसद उपेंद्र रावत के बेतुके बोल सामने आए हैं। एक तरफ सांसद मृतक के परिजनों से मिलकर मजिस्ट्रेट जांच करवाने का आश्वासन दे रहे हैं तो दूसरी तरफ कर्ज में डूबे किसान की मौत पर प्रशासन के पक्ष में खड़े हुए नजर आते है। वहीं राजस्व टीम के जरिए कर्ज में डूबे किसान की कस्टडी में जहर खाने से हुई मौत पर भाजपा सांसद उपेंद्र रावत ने बेतुका बयान दिया है। वहीं परिजन इस पूरे मामले में दोषी जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही जगजीवन की मौत से किसानों में भी आक्रोश नजर आया। नाराज किसानों और परिजनों ने मांग पूरी न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है।
इस मामले में बीजेपी सांसद उपेंद्र रावत दोनों तरफ से लीपापोती करते नजर आए। उपेंद्र रावत ने किसान की मौत पर कहा कि इसमें प्रशासन की कोई गलती नहीं है। मृतक पर प्रेशर था, पकड़ कर राजस्व कर्मी ले गए थे। उन पर कर्ज बहुत ज्यादा था, इसलिए शायद वह समझ नहीं पाए और उनका दिमाग काम नहीं किया। वहीं जब सांसद से पूछा गया कि तहसील के अमीन अक्सर मृतक किसान से वसूली करते थे तो रावत बोले कि हो सकता है कि ऐसा होता हो, अगर ऐसा होगा तो मजिस्ट्रेट जांच होती है तो सारी बातें सामने आ जाएगी।
किसान पर 49 लाख का कर्ज
मृतक किसान की परिजनों की मांग है कि किसान का कर्ज माफ हो और आरोपी राजस्व कर्मियों पर मुकदमा दर्ज हो। इधर जिला प्रशासन आरोपी अधिकारियों को बचाता नजर आए। डीएम आदर्श सिंह ने बयान जारी करते हुए बताया कि किसान पर 49 लाख का कर्ज था। डीएम किसान को कर्जदार बताकर अपनी राजस्व टीम को बचाते नजर आए।

ये है मामला
मामला बाराबंकी के सिद्धौर क्षेत्र के मवैया मजरे सादुल्लापुर का है। यहां रहने वाले जगजीवन वर्मा ने तीन बैंकों से करीब 49 लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। कर्ज की अदायगी न होने पर केनरा बैंक जैदपुर, कॉर्पोरेशन बैंक बाराबंकी और इंडियन बैंक शाखा सतरही ने आरसी जारी कर दी थी। गुरुवार को नायब तहसीलदार हैदरगढ़ अभिषेक यादव के नेतृत्व में राजस्व टीम कर्ज वसूलने के लिए गांव पहुंची थी। इस पर किसान ने जहर खा लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई है। कर्ज अदा न कर पाने पर आरसी जारी होने के बाद राजस्व टीम की कस्टडी में जा रहे किसान की हुई मौत के मामले में सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के विधायक गौरव रावत, पूर्व सांसद रामसागर और कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता तनुज पूनिया परिजनों की मांग के समर्थन में खड़े नजर आए।

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