भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय हिरासत में

नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में रैली निकाल रहे भाजपा के भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को कोलकाता पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस केि अनुसार विजयवर्गीय पुलिस की बिना इजाजत के रैली निकाल रहे थे।

By: Prakash Kumawat

Published: 07 Feb 2020, 04:51 PM IST

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय हिरासत में
कोलकाता पुलिस ने लिया हिरासत में
कैलाश निकाल रहे थे सीएए के समर्थन में रैली
कोलकाता में बिना अनुमति निकाल रहे थे रैली

नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में रैली निकाल रहे भाजपा के भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को कोलकाता पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस केि अनुसार विजयवर्गीय पुलिस की बिना इजाजत के रैली निकाल रहे थे।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में अभिनंदन रैली निकाल रहे थे। इस रैली की शुरुआत कोलकाता के टॉलीगंज फेरी से होने वाली थी। जैसे ही बीजेपी नेताओं ने रैली की शुरु की, तभी कोलकाता पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार पुलिस के मुताबिक, 'भाजपा नेता पुलिस की अनुमति के बिना कथित रूप से मार्च आयोजित करना चाहते थे जिसके बाद उन्हें पुलिस वैन में हिरासत में लिया गया और स्थान से दूर ले जाया गया।
आपको बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय बंगाल में भाजपा के प्रभारी हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि हम प्रजातांत्रिक तरीके से सीएए का समर्थन कर रहे हैं पूरा देश समर्थन कर रहा है, लेकिन बंगाल की सरकार जनता की जिस तरह आवाज को दबाना चाहती है उसे हम सफल नहीं होने देंगे। बंगाल में वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मोर्चा खोल रखा है। इसके विरोध में ममता सड़कों पर भी उतर चुकी है।
सीएम ममता बनर्जी का कहना है कि वह बंगाल में इस कानून को किसी कीमत पर लागू नहीं होने देगी। वहीं भाजपा इसे लागू कराने के लिए घर घर जनसंपर्क कर के जनजागरण कर रही हैं। जैसे जैसे भाजपा का जनजागरण अभियान जोर पकड़ता जा रहा है, तृणमूल कार्यकर्ताओं का विरोध भी लगातार बढ़ता जा रही है। इस कानून को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी नागरिकता संशोधन कानून का लगातार विरोध कर रहे हैं, इन सभी का कहना है कि वे अपने अपने प्रदेश में इसे लागू नहीं करेंगे। इसे लेकर संसद तक में बवाल मचा है। दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भी सीएए के विरोध में शाहीन बाग का धरना मुद्दा बन गया।

BJP CAA
Prakash Kumawat Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned