Rajasthan BJP: सिर्फ बयानों में 'लॉकडाउन', सरकार को सुझाए 14 पॉइंट्स में नहीं कोई ज़िक्र!

भाजपा नेताओं के बयानों का ‘लॉकडाउन’, पार्टी नेता लगातार उठाते रहे हैं मुद्दा, सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन करने की कर चुके हैं पैरवी, सीएम संवाद में भी उठाया था मसला, लेकिन सरकार ने हाथों-हाथ किया रिजेक्ट, प्रदेश अध्यक्ष ने दिया 14 बिन्दुओं का सुझाव, सुझावों की लिस्ट में ‘लॉकडाउन’ नहीं रहा शामिल

 

By: nakul

Published: 27 Sep 2020, 12:33 PM IST

जयपुर।

राज्य में बेकाबू हुई वैश्विक महामारी कोरोना को काबू में करने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। इस बीच विपक्षी दलों ने भी अपने सुझाव सरकार तक पहुंचाए हैं। प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने सरकार को प्रमुखतः 14 पॉइंटर्स का सुझाव दिया है। ख़ास बात ये है कि इन सुझावों में कहीं भी पार्टी ने लॉक डाउन की पैरवी नहीं की है।

गौरतलब है कि भाजपा नेता अपने बयानों में सप्ताह में दो दिन का लॉक डाउन लगाने की पैरवी करते रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इस बारे में अपनी कई बार सहमति भी जताई है।

सुझाव हाथों-हाथ हुआ खारिज!
जानकारी के अनुसार शनिवार को सीएम गहलोत के साथ हुए संवाद में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने सप्ताह में दो दिन के लॉक डाउन का मसला उठाया था, लेकिन ‘सरकार’ की ओर से उसे ये कहते हुए हाथों-हाथ खारिज कर दिया गया कि फिलहाल ऐसा करना मुनासिब नहीं है।

सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए विपक्षी नेताओं से कहा कि दो दिन का लॉकडाउन व्यावहारिक रास्ता नहीं है। वजह ये है कि यदि दो दिन के लॉकडान के बाद तीसरे दिन ज्यादा भीड़ बाहर निकलने का अंदेशा है। ऐसा हुआ तो सब किये कराये पर पारनी फिर जाएगा। सरकार ने लॉक डाउन के बजाय भीड़ कम करने, लोगों को बिना मास्क बाहर ना निकलने पर जागरूक करने की दलील दी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ शनिवार को हुई ‘वर्चुअल’ बातचीत में 14 सुझाव दिए हैं।

ये हैं भाजपा के 14 सुझाव
1. कोरोना के बारे में अभी भी व्यापक जागरूकता की जरूरत है इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाना चाहिए।
2. कोरोना के बारे में भय को दूर करने के लिए भी लोगों की सुदृढ़ काउंसलिंग की आवश्यकता है।
3. होम आइसोलेशन की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए व लगातार मॉनिटरिंग हो।
4. निजी अस्पतालों से भी संवाद कर उनकी सुरक्षा एवं सहूलियत प्रदान कर कोविड-19 के इलाज लिए प्रोत्साहित करें।
5. संभाग के अस्पतालों के आसपास की परिधि वाले अस्पतालों को सुदृढ़ किया जाए उपकरण, स्टाफ आदि से।
6. टेस्टिंग बढ़ाई जाए इसमें निजी संस्थानों व संगठनों का भी सहयोग लिया जा सकता है।
7. अस्पतालों के इंफ्रा सिस्टम को सुदृढ़ किया जाए।
8. ऑक्सीजन की मांग एवं आवश्यकता लगातार बढ़ रही है विगत महीने 4200 सिलेंडर से 8000 बढ़ गई और लक्षित मांग 11000 है तो इस की उचित व्यवस्था करवाएं।
9. संक्रमित जॉन पर विशेष अभियान चलाना चाहिए।
10. HRCT की सरकारी एवं निजी अस्पतालों की दरों में भारी अंतर है इस पर कोई उचित कदम उठाएं।
11. हेल्पलाइन 181 की व्यवस्था की समीक्षा करने और सहज सुलभ और सुदृढ़ करना चाहिए।
12. रिपोर्ट्स में जो विरोधाभास आ रहा है उसकी समीक्षा करना चाहिए।
13. सरकारी एवं निजी अस्पतालों में दरें जारी कर प्रकाशित करके उसको सख्ती से लागू करवाना चाहिए।
14. प्रधानमंत्री जी ने 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को जो सुझाव दिए थे उसके अनुरूप मुख्यमंत्री जी उपखंड स्तर की समीक्षा स्वयं करें, जिससे उनका मनोबल भी बढ़ेगा और मॉनिटरिंग भी प्रभावी होगी।

nakul Desk
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