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Brain Tumor: ब्रेन ट्यूमर अब लाइलाज नहीं, जीत सकते हैं जंग

जयपुर. Brain Tumor अब तक मस्तिष्क की खतरनाक बिमारी मानी जाती थी। चिकित्सा विज्ञान में आई नई तकनीकें ब्रेन ट्यूमर के मरीजों के लिए वरदान साबित हुई हैं।

जयपुर

Updated: June 09, 2022 10:25:01 am

जयपुर. ब्रेन ट्यूमर अब तक मस्तिष्क की खतरनाक बिमारी मानी जाती थी। बिमारी की पहचान होने पर मरीज अपने जीवन की आशा छोड़ देते थे, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में आई नई तकनीकें ब्रेन ट्यूमर के मरीजों के लिए वरदान साबित हुई हैं। नई तकनीकों से ब्रेन ट्यूमर का इलाज आसानी से संभव है और मरीज आसानी से अपना जीवन व्यतीत कर सकता है। रुक्मणी बिरला हॉस्पिटल में Brain Tumor day पर आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इसके इलाज और बचाव के बारे में जानकारी दी।
न्यूरो सर्जन डॉ. अमित चक्रबर्ती ने लोगों को ब्रेन ट्यूमर के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के कुछ लक्षण होते है जैसे सर दर्द होना, उलटी होना, आंखों की रोशनी में कमी आना, दौरे पड़ना, हाथ या पैरों में कमजोरी आना या बोली में लड़खड़ाहट होना। ऐसी स्थिति में हमें तुरन्त डॉक्टर से परामर्श कर उचित जांचे करानी चाहिए ताकि समय रहते ये पता लगा सके कि सिर में किसी तरह की कोई गांठ तो नहीं है। आमतौर पर 40 से 50 प्रतिशत गांठें सामान्य होती है जिनमें कैंसर के लक्षण नहीं पाए जाते हैं।
ब्रेन ट्यूमर का इलाज पिछले 10 वर्षों में काफी हद तक विकसित हुआ है एवं अब मिनिमली इनवेसिव तकनीक से हाई पावर माइक्रोस्कोप एवं ट्यूमर फ्लोरेसेंस के जरिए ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन बहुत सेफ हो गया है। ऑपरेशन के पश्चात जो गांठ बची रह जाती है, उसके लिए रेडियो थेरेपी एडवाइज करते है |
लक्षणों को समय पर पहचाने तो संभव है बेहतर इलाज –
डॉ. अंजनी कुमार शर्मा ने बताया कि अगर ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों को समय रहते पहचान कर डॉक्टर से संपर्क किया जाए तो इसका बेहतर इलाज संभव है। अगर मरीज को सुबह उठने के तुरंत साथ ही सिर में दर्द होना, अचानक उल्टी जैसा महसूस होना, याददाश्त कम होना, व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन आना, छोटी—छोटी बातों में चिड़चिड़ाहट होना या आंखों की रोशनी कम होना जैसे लक्षण आए तो उसे ब्रेन ट्यूमर होने की संभावना हो सकती है।
डॉ. पुष्कर गुप्ता ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर से बचने के लिए व्यक्ति को तनाव रहित जीवन शैली अपनानी चाहिए। इसके लिए भरपूर नींद लें, मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, खान-पान संतुलित करें और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें। अस्पताल की मैनेजमेंट टीम से हरसिमरन सिंह ने कहा कि रुक्मणी बिरला हॉस्पिटल में ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी के सफल इलाज के लिए अनुभवी टीम है, जोकि अपने पेशेंट के लिए शत—प्रतिशत देकर उन्हें दोबारा सामान्य जीवन देने का पूरा प्रयास करती है।
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