गरीब को राहत देने के लिए कानून तोड़ना पड़े तो तोड़ेंगे: नितिन गडकरी

केन्द्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा हैं कि यदि गरीब को राहत देने के लिए कानून तोड़ना पड़े तो वे तोडेंगे।

By: rahul

Published: 13 Sep 2021, 04:50 PM IST

जयपुर। केन्द्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा हैं कि यदि गरीब को राहत देने के लिए कानून तोड़ना पड़े तो वे तोडेंगे।लोगों की भावनाओं को जीतकर आगे जाना ही लीडरशिप है। विधानसभा में आज संसदीय लोकतंत्र और जन अपेक्षाएं विषय पर आयोजित सेमिनार में उन्होंने कहा कि ई— रिक्शा को शुरू करने के पीछे भी उनकी यहीं सोच थी। उन्होंने कहा कि एक आदमी दूसरे को खींचे, यह शोषण है।
इसी सोच के साथ आई रिक्शा शुरू कराया था।

हम सबसे बड़े लोकतंत्र—
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। इसके चार स्तंभ हैं। विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया। गडकरी ने कहा कि राजनीति समाज मे परिवर्तन लाने का काम हैं। इससे निचले पायदान पर जो आदमी हैं उसका जीवन बदलना है। सत्ता तो सोशल सर्विस होनी चाहिए लेकिन आज इसका रूप बदल रहा है। हम राजनीति में इसलिए आये कि देश में बदलाव लाना हैं। मतभेद हो लेकिन मतभेद नहीं होने चाहिए। गडकरी ने कहा कि हम जितना अच्छा होंगे उतना लोकतंत्र अच्छा होगा। विचारधारा भले ही अलग।गुणात्मक बदलाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस विचार के साथ हम चलें, वो ईमानदारी से चले। जीवन मे लड़ते रहना होगा। कभी सत्ता आती हैं कभी विपक्ष में रहते है। ये चलता रहता हैं। ईमानदारी, क्रेडिबलिटी बहुत जरूरी हैं। आज हम बदलेंगे तो समाज बदलेगा ओर फिर देश बदलेगा

राजनीति एक स्किल—
गडकरी ने कहा कि राजनीति भी एक स्किल हैं। कवि शरद जोशी कहते है कि जो राज्य के काम के नही उन्हें दिल्ली भेज देते है, जो दिल्ली के काम के नहीं उन्हें राजभवन भेज देते है। जो राजभवन के काम के नही उन्हें एम्बेसडर बना देते है। गरीब का कल्याण हमारा मकसद होना चाहिए।आज देश मे पानी की कमी हैं। घर का पानी घर में रहे, खेत का पानी खेत मे रहे, गांव का पानी गांव में रहे, ये करना होगा। आज बहुत पानी बेकार चला जाता हैं। इसे उपयोग करने की जरूरत है।किसान को पानी देने की जरुरत हैं। आज विकास को नया विजन देने की जरूरत है।

किसी का काम नहीं करना हो,तो समिति बना दो—
गडकरी ने साफ कहा कि आज किसी का काम नही करना हो तो समिति बना दो, सालों तक रिपोर्ट ही नही आती हैं। ऐसा नही होना चाहिए।पैसे की कमी नही है। इच्छा शक्ति की कमी है। हम लोकतंत्र के प्रहरी बने।विकास की राजनीति होनी चाहिए न कि जात पात की। व्यक्ति और संगठन में संगठन श्रेष्ठ है। संगठन और विचारधारा में विचारधारा श्रेष्ठ है।विचारधाराओं का सम्मान करना ही हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। गरीब के कल्याण के विषय पर मत भिन्नता नहीं हो सकती। जनता को दोष देने से कुछ नहीं होगा।

भविष्य की सोचने वाला दुखी—
नितिन गडकरी ने कहा कि जो भविष्य की ज्यादा सोचता है वह दुःखी रहता है। जो आज में जीता है, वह सुखी है। विधायक इसलिए दुखी रहता हैं, क्योंकि वे मंत्री नहीं बने। मंत्री इसलिए दुःखी हैं, क्योंकि अच्छा मंत्रालय नहीं है। जिनको अच्छा मंत्रालय मिला वो दुःखी, क्योंकि सीएम नहीं बने।

सीएम भी दुखी हैं, क्योंकि पता नहीं कि कब तक सीएम रहेंगे । केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आप नेत्रदान कर सकते हो लेकिन विज़न नहीं कर सकते। इस देश का किसान हवाई ईंधन बना सकता है। मैं अब फ्लेक्स व्हिकल ला रहा हूं, ठेकेदार को साफ कहता हूं काम खराब करोगे तो ठोक दूंगा। उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर और गावस्कर की लंबाई कम थी, लेकिन इन सबके बावजूद उन्होंने बड़े-बड़े गेंदबाजों के सामने छक्के मारे।

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