कोरोना से बाजारों की रौनक गायब, डिजिटल खरीदारी में उछाल

कोरोना वायरस ( corona virus ) ने लोगों की खरीदारी ( people shop ) का तरीका बदल दिया है। बाजारों की रौनक गायब, डिजिटल खरीदारी में उछाल 70 से 80 फीसदी का उछाल आया है। संक्रमण ( covid infection ) से बचने के लिए लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे है और जो लोग निकल भी रहे वे अति आवश्यक कार्य के लिए ही बाहर आ रहे है। मेट्रो शहरों में उपभोक्ताओं पर डिजिटल का प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ा है, मोबाइल ( mobil ) के लिए इसमें 70 प्रतिशत, कपड़ों के लिए 55 से 60 प्रतिशत और खाद्य वस्तुओं ( food item ) के लिए 25 प्रतिशत

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 29 Jun 2020, 12:30 PM IST

जयपुर। कोरोना वायरस ने लोगों की खरीदारी का तरीका बदल दिया है। बाजारों की रौनक गायब, डिजिटल खरीदारी में उछाल 70 से 80 फीसदी का उछाल आया है। संक्रमण से बचने के लिए लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे है और जो लोग निकल भी रहे वे अति आवश्यक कार्य के लिए ही बाहर आ रहे है। मेट्रो शहरों में उपभोक्ताओं पर डिजिटल का प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ा है, मोबाइल के लिए इसमें 70 प्रतिशत, कपड़ों के लिए 55 से 60 प्रतिशत और खाद्य वस्तुओं के लिए 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक शहरी उपभोक्ताओं में डिजिटल का प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ा है। इसका मुख्य आकर्षणों में पहले मोइबाइल फोन आता है। जिसमें कोरोना संकट के बाद मोबाइल के लिए 70 प्रतिशत शहरी उपभोक्ताओं के डिजिटल से प्रभावित हुए है। अगले दो सालों में मोबाइल फोन्स की ऑनलाइन हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत हो सकती है, जो कोरोना संकट से पहले 35 प्रतिशत थी। नॉन-फूड कैटेगरीज में डिजिटल से प्रभावित शहरी उपभोक्ताओं में लगभग 1.3 गुना वृद्धि की अपेक्षा है। लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन खरीदारों में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि, जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक की इसे जारी रखने की योजना है। इसी तरह कपड़ों में 60 प्रतिशत शहरी उपभोक्ताओं की खरीदारी होने की संभावना है और लगभग 40 प्रतिशत उपभोक्ता कपड़ों पर ऑनलाइन खर्च बढ़ाना चाहते हैं। इसके साथ-साथ लगभग 79 प्रतिशत उपभोक्ता बिना काम घर से बाहर नहीं निकलना चाहते हैं, इसलिए कैजुअल वियर वार्डरोब का बड़ा हिस्सा होगा। कंपनियों का कहना है कि अब व्यवसायों के लिए उन नए समाधानों को अपनाने का अवसर है, जो अभी उपलब्ध है, विभिन्न तरीकों से- वे वर्चुअल अनुभवों को सजीव बनाकर व्यक्तिगत अनुभवों को दोहरा सकते है, प्लेटफॉर्म की क्षमता और अच्छे परिणामों पर केन्द्रित हो सकते हैं और सामाजिक दूरी के समय में उपभोक्ता के साथ जुड़े रहने के बाधारहित तरीकों का उपयोग कर सकते हैं।Ó लॉकडाउन के दौरान 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन कपड़े खरीदे है अब उन्हे वापस बाजारों तक लेकर आना एक बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों के अनुसार , लोग आने वाले छह महीनों में स्मार्टफोन, कंज्यूमर पैकेज्ड गुड्स और कपड़ों की खरीदारी के लिए ऑनलाइन चैनलों का पता लगाना चाहते हैं। आज के दौर में दो में से लगभग एक उपभोक्ता स्वास्थ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता से सम्बंधित खाद्य उत्पाद पर खर्च करना चाहता है।

Corona virus
Narendra Kumar Solanki Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned