करोड़ों हड़पकर भी खुद के नाम ज्यादा संपत्ति नहीं

बुलमैन डॉट इन और डिवाइन लैंड डवलपर्स कंपनी ठगी प्रकरण : 15 करोड़ हड़पने वाले जगदीश विश्नोई ने पत्नी धीरा व दो कर्मचारियों ने नाम जुटाई ज्यादातर संपत्ति, आरोपी को बचाने के प्रयास में मुम्बई के आइपीएस की रही महत्वपूर्ण भूमिका

By: mahesh gupta

Updated: 28 Aug 2018, 02:02 AM IST

जयपुर. बुलमैन डॉट इन के डायरेक्टर जगदीश विश्नोई ने करोड़ों ठगने के बाद भी खुद के नाम अधिक सम्पत्ति नहीं बनाई। जगदीश ने अपनी पत्नी और दो कर्मचारियों के नाम से ज्यादातर सम्पत्ति जुटाई है। ठगी की राशि से बुलमैन डॉट इन और डिवाइन लैंड डवलपर्स कंपनी के अन्य साझेदारों को कितनी राशि मिली, इसकी जानकारी अन्य साझेदारों के गिरफ्तार होने के बाद पता चलेगी। जवाहर नगर थाना पुलिस की गिरफ्त में आए जगदीश विश्नोई ने 15 करोड़ की ठगी की रकम को कहां-कहां खपाया है, अब पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है। हालांकि कुछ पीडि़तों ने पुलिस से पहले ही खुद के स्तर पर सम्पत्ति की जानकारी जुटाने का दावा किया है।

पीडि़त और पुलिस सूत्रों की मानें तो चंदवाजी थाने से जमानत मिलने के बाद आरोपी को बचाने के प्रयास में मुम्बई के एक आइपीएस अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के निर्देश पर जांच को जयपुर ईस्ट जिले से क्राइम ब्रांच को पहुंचा दिया गया।

एक मामले में छूटेगा मगर दूसरे में पकड़ा जाएगा
आरोपी एक मामले में छूटेगा तो दूसरे मामले में गिरफ्तार होगा। उसके खिलाफ जयपुर में ही अलग-अलग नौ प्रकरण दर्ज हैं। जबकि जयपुर से बाहर भी ठगी के मामले दर्ज होने की आशंका जताई गई है। उधर, जवाहर नगर थाना पुलिस ने अपने एक मुकदमे में जगदीश को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है।

पहले दुगुनी रकम देता, फिर फांस लेता
आरोपी 21 हजार रुपए में बुलमैन की आइडी-पासवर्ड जारी करता था। आइडी खोलने पर साधारण से दस सवाल पूछे जाते। फिर सदस्य के बुलमैन अकाउंट में 21 हजार की जगह 42 हजार रुपए आते। एक माह बाद अकाउंट से यह राशि सदस्य के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सकती थी। शुरुआत में लोगों को रुपए दे कर झांसा दिया और अधिक रुपए लगाने के लिए फांस लिया। आरोपी द्वारा डिवाइन लैंड डवलपर्स कंपनी के जरिए भी करोड़ों रुपए ठगी करने के मामले सामने आए हैं।

कहां-कहां संपत्ति जांच का विषय

आरोपी जगदीश विश्नोई ने ठगी की रकम से कहां-कहां सम्पत्ति बनाई, यह अनुसंधान का विषय है। अनुसंधान में जानकारी की जाएगी।

-गौरव यादव, डीसीपी ईस्ट, जयपुर कमिश्नरेट

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