राजस्थान: मिशन ‘उपचुनाव फतह’ में BJP, जानें 'माइनोरिटी' वोट बैंक को साधने का क्या है एक्शन प्लान?

Bye-Election in 4 Assembly Seats in Rajasthan : 4 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव की सरगर्मियां परवान पर, उपचुनाव में जीत पाने की कवायद में कांग्रेस-भाजपा, किसान-युवा के साथ ही अल्पसंख्यक वोट बैंक पर भी नज़र, कांग्रेस का परम्परागत वोट बैंक माना जाता है ‘अल्पसंख्यक समुदाय’, वहीं प्रदेश भाजपा भी जुटी ‘सेंधमारी में’, तैयार हुआ एक्शन प्लान, मुस्लिम समुदाय के बीच जा रहा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा, उपचुनाव क्षेत्रों में सक्रीय हुए मोर्चा पदाधिकारी, नेता-कार्यकर्ता, गिना रहे गहलोत सरकार की नाकामियाँ, अल्पसंख्यक

By: nakul

Published: 01 Mar 2021, 12:17 PM IST

 

जयपुर।

प्रदेश की चार सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव ( Bye-Election in 4 Assembly Seats in Rajasthan ) में जीत पाने की मंशा से दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल Congress और BJP अपनी-अपनी तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। इसी क्रम में दोनों ही पार्टियां हर वर्ग तक पहुंचकर अपनी पैठ जमाने की कोशिशों में है। हर चुनाव की तरह इस उपचुनाव में भी दोनों ही पार्टियां किसान ( Farmers ) और युवाओं ( Youth ) के साथ ही माइनोरिटी ( Minority ) वोट बैंक पर भी पकड़ मजबूत करने में दिखाई दे रहीं है।

 

सेंध मारने में जुटी भाजपा
माइनोरिटी हमेशा से ही कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक माना जाता रहा है। हालांकि भाजपा लगभग हर चुनाव में ‘सेंधमारी’ कर इस वर्ग को अपने पक्ष में लेने की जद्दोजहद में रहती है। भाजपा की इसी बढ़ती पैठ ने पार्टी को पूर्व में हुए चुनावों में जीत दिलवाने में काफी सहयोग किया है। इन उपचुनावों में भी कुछ इसी तरह की कवायद होती दिखाई दे रही है।

 

अल्पसंख्यक मोर्चे ने संभाली कमान
उपचुनाव में भाजपा को जीत दिलाने का दारोमदार अल्पसंख्यक मोर्चे के कंधों पर भी होगा। रविवार को ही मोर्चे के नए प्रदेश अध्यक्ष एम सादिक खान ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया है। वहीं उपचुनाव क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों को जिताने के लिए मोर्चा के पदाधिकारियों की तैनाती भी की गई है।

 

गिनाएंगे गहलोत सरकार की नाकामियाँ
अल्पसंख्यक मोर्चे के नेता-कार्यकर्ता चारों विधानसभा चुनाव क्षेत्रों में सक्रीय हो गए हैं। चुनाव के लिए नियुक्त संयोजकों की अगुवाई में मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में जाकर लोगों को गहलोत सरकार की नाकामियों के बारे में बताया जा रहा है। वहीं अल्पसंख्यकों की अनदेखी और वादाखिलाफी के बारे में भी लोगों को बताया जा रहा है। सभाओं और घर-घर जनसंपर्क के ज़रिये मुस्लिम समुदाय के लोगों से संपर्क किया जा रहा है।

 

कई मुद्दे उठा रहा मोर्चा
अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष एम सादिक खान के अनुसार अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े नेता-कार्यकर्ता और पदाधिकारी विभिन्न मुद्दों को लेकर समुदाय के बीच जा रहे हैं। उन्हें राज्य सरकार की ओर से पहली से छठी कक्षा तक उर्दू को समाप्त करने, अल्पसंख्यक छात्रवृति बंद करने, वक्फ बोर्ड की चिह्नित सम्पतियों को भी नहीं छोड़ने सहित अन्य कई मुद्दों को लेकर लोगों के बीच जाया जा रहा है। वहीं 16 मार्च को उदयपुर में सरकार की अल्पसंख्यकों की अनदेखी के विरोध में मोर्चा की ओर से बड़ा प्रदर्शन किया जाना भी तय हुआ है।

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