पात्र परिवारों के खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ने के लिए होगा शिविरों का आयोजन

जयपुर. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश चन्द मीना ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में पात्र वंचित परिवारों के नाम जोड़ने के लिए शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना में पात्र परिवारों का समावेशन एवं अपात्र परिवारों का निष्कासन निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाता है।

By: manish chaturvedi

Published: 18 Feb 2020, 04:29 PM IST

जयपुर. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश चन्द मीना ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में पात्र वंचित परिवारों के नाम जोड़ने के लिए शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना में पात्र परिवारों का समावेशन एवं अपात्र परिवारों का निष्कासन निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाता है।

खाद्य मंत्री ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विगत 1 वर्ष में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में कोटा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 32 हजार 732 एवं शहरी क्षेत्र में 39 हजार 488 पात्र लाभार्थियों के नाम जोड़कर लाभान्वित किया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में पंचायत समिति लाडपुरा की ग्राम पंचायत बोराबास में 85.52 प्रतिशत, डोल्या में 86.25 प्रतिशत, भंवरिया में 83.47 प्रतिशत एवं पंचायत समिति खैराबाद में 61.48 प्रतिशत परिवार लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम कोटा के वार्ड नंबर 4 में 88.32 प्रतिशत, वार्ड नंबर 5 में 35.65 प्रतिशत, वार्ड नंबर 24 में 41.94 प्रतिशत, वार्ड नंबर 25 में 56.25 प्रतिशत एवं नगर पालिका रामगंज मंडी क्षेत्र में 41.85 प्रतिशत परिवार लाभार्थी है।

इससे पहले विधायक मदन दिलावर के प्रश्न के जवाब में खाद्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की धारा 3 (2) के तहत जारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बिंदु संख्या 17 के अनुसार खाद्य सुरक्षा योजना में नाम चयन की सीमा वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुपात में ग्रामीण क्षेत्र में 69. 09 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्र में 53 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 1 .11 करोड़ परिवार एवं 4.97 करोड़ यूनिट खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल हैं जो कि वर्ष 2011 की जनसंख्या का 72.44 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा संपूर्ण राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्र में 69.09 एवं शहरी क्षेत्र 53 प्रतिशत लाभार्थियों की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि अपीलीय प्रक्रिया के माध्यम से निरंतर नाम जोड़े जा रहे हैं उन्होंने कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है।

मीना ने रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कोटा शहर के हिस्से में रामगंज मंडी नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के खैराबाद एवं लाडपुरा पंचायत समिति में खाद्य सुरक्षा सूची में चयनित परिवारों का विवरण सदन के पटल पर रखा।

manish chaturvedi Desk
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