केस दर्ज होने के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति का गहलोत सरकार पर पलटवार

गुर्जर समाज की ओर से कर्नल किरोड़ी बैसला सहित 33 जनों के खिलाफ सोशल डिस्टेंस की पालना नहीं करने, बिना अनुमति व बगैर अंडरटेकिंग के महापंचायत का आयोजन करने पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

By: santosh

Updated: 19 Oct 2020, 01:51 PM IST

जयपुर। गुर्जर समाज की ओर से आरक्षण समेत अन्य मांगों को लेकर गांव अड्डा में शनिवार को हुई महापंचायत को लेकर कर्नल किरोड़ी बैसला, उनके पुत्र विजय सहित 33 जनों के खिलाफ सोशल डिस्टेंस की पालना नहीं करने, बिना अनुमति व बगैर अंडरटेकिंग के महापंचायत का आयोजन करने पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने पलटवार किया है। समिति के सदस्य भूरा भगत और विजय बैंसला की ओर से बयान जारी किया गया है कि गुर्जर समुदाय के खिलाफ मुख्यमंत्री गहलोत का षड्यंत्र है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य राजनेताओं पर भी कोरोना गाइडलाइंस तथा नेशनल डिजास्टर के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए, क्योंकि उन्होंने भी राज्य स्तर पर धरना प्रदर्शन किया था।

गुर्जर समाज के 33 लोगों पर मुकदमा पुलिस की ओर से दर्ज किया गया है। इसमें आईपीसी की धारा 188, 269, 270 एवं धारा 51 आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, धारा 4(2) राजस्थान महामारी के तहत दर्ज की गई है।

आपको बता दें कि बयाना उपखण्ड के गांव अड्डा में शनिवार को बहुप्रतीक्षित गुर्जर महापंचायत आयोजित हुई। इसमें गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला समेत गुर्जर समाज के कई नेता शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि उनकी मांग वाजिब हैं, राज्य सरकार पूरी कर दे नहीं तो संघर्ष तो हम करेंंगे। उन्होंने कहा कि समाज का युवा वर्ग तैयार हैं लेकिन इस समय फसल कटाई का समय है इसलिए अब आंदोलन एक नवम्बर से पूरे प्रदेश में होगा।

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