scriptCenter govt is not giving permission to remove BRTS corridor | बीआरटीएस कॉरीडोर बना गलफांस, केंद्र नहीं दे रहा हटाने की अनुमति | Patrika News

बीआरटीएस कॉरीडोर बना गलफांस, केंद्र नहीं दे रहा हटाने की अनुमति

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को द्रुत गति देने के मकसद से जयपुर में बनाया गया बीआरटीएस (बस रेपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर सरकार के लिए गलफांस बन गया है।

जयपुर

Published: January 05, 2022 01:59:18 pm

जयपुर। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को द्रुत गति देने के मकसद से जयपुर में बनाया गया बीआरटीएस (बस रेपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर सरकार के लिए गलफांस बन गया है। रोड सेफ्टी कौंसिल ने बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का फैसला किया था, लेकिन केंद्र सरकार से अनुमति नही मिलने की वजह से आज तक यह कॉरीडोर सड़क घेरकर सरकार को मुंह चिढ़ा रहा है।

jaipur BRTS corridor

शहर में बीआरटीएस कॉरिडोर की शुरुआत कांग्रेस सरकार में वर्ष 2010 में की गई थी। उस समय केन्द्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी सीकर रोड पर बने करीब 7.1 किमी लंबे कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। अभी सीकर रोड और अजमेर रोड से न्यू सांगानेर रोड तक करीब 16.1 किलोमीटर लम्बाई में कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। इस पर करीब 170 करोड़ रुपए लागत आई थी। इसके अलावा यूटिलिटी सेवाओं को हटाने व अन्य खर्चे अलग हैं।

पूरा बनता तो शायद रहता कामयाब
बीआरटीएस कॉरीडोर पूरा नहीं बन पाया। इसके फेल होने की एक वजह यह भी रही। 13 किलोमीटर का बीच का हिस्सा (अम्बाबाडी से गवर्नमेंट हॉस्टल, अजमेर पुलिया, सोढाला होते हुए पुरानी चूंगी तक) जुड़े तो लोगों को ट्रेफिक में राहत मिल सकती थी। 29 किलोमीटर लम्बाई में एक साथ कॉरिडोर में बसें चलने से लोगों को लंबी दूरी की बसें मिल पाती।

कॉरीडोर बना दुर्घटनाओं की वजह
इस कॉरीडोर की वजह से दुर्घटनाएं भी बहुत हुई। खुद प्रताप सिंह खाचरियावास ने परिवहन मंत्री रहते हुए इस कॉरीडोर को हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि कॉरिडोर के कारण सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं, इसलिए इसे हटाना जरूरी है।

जनता के लिए राहत नहीं आफत..
यह कॉरीडोर जनता के लिए आफत बन चुका है। सीकर रोड पर बीआरटीएस कॉरिडोर बनने से अन्य वाहनों के आवागमन के लिए जगह कम बची है, जिसकी वजह से यहां दिनभर में कई बार जाम लगता है। कॉरिडोर में जेसीटीएसएल की पर्याप्त बसें नहीं चलने से खाली पड़ा है।

अभी यहां है कॉरिडोर
-7.1 किलोमीटर लम्बाई में सीकर रोड पर एक्सप्रेस-वे से अम्बाबाड़ी तक कॉरिडोर। (निर्माण लागत 75 करोड़ रुपए...संचालन शुरू वर्ष 2010)

-9 किलोमीटर लम्बाई में अजमेर रोड से किसानधर्म कांटा होते हुए न्यू सांगानेर रोड (बी-2 बायपास तिराहा) तक। (निर्माण लागत 90 करोड़ रुपए...संचालन शुरू वर्ष 2015)

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