केंद्र ने जारी की स्कूल खोलने की गाइडलाइन, राज्य में आदेशों का इंतजार

कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों (students) की क्लास 21 सितंबर से लगाने को लेकर केंद्र सरकार (central government) व स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने गाइडलाइन (Guideline) जारी कर दी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से स्कूल खोलने (Open school) की गाइडलाइन को लेकर मंथन किया जा रहा है।

By: vinod

Published: 10 Sep 2020, 09:53 PM IST

जयपुर/सीकर। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों (students) की क्लास 21 सितंबर से लगाने को लेकर केंद्र सरकार (central government) व स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने गाइडलाइन (Guideline) जारी कर दी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से स्कूल खोलने (Open school) की गाइडलाइन को लेकर मंथन किया जा रहा है। एक-दो दिन में राज्य सरकार स्कूल खोलने के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी। यदि प्रदेश में भी केंद्र की गाइडलाइन के बाद स्कूल खुलते हैं तो स्कूलों में काफी कुछ बदला हुआ नजर आएगा। स्कूल में खेलकूद गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी। कक्षा में विद्यार्थियों के बीच सोशल डिस्टेंस की पालना के लिए छह फीट की दूरी रखनी होगी।
ऐसे समझें स्कूल खुलने की गाइडलाइन को

1. अभिभावकों से लिया जाएगा शपथ पत्र
स्कूलों की ओर से अभिभावकों से शपथ पत्र लिया जाएगा। इसमें अभिभावकों को लिखकर देना होगा कि वह स्वेच्छा से बच्चे को स्कूल भेज रहे हैं।

2. नोटबुक-पेन, पेंसिल नहीं होगी शेयर
स्कूलों से शिक्षक ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर सकेंगे। इस दौरान यदि कुछ विद्यार्थी चाहें तो वहां बैठकर भी पढ़ सकते हैं। एेसे विद्यार्थियों को अलग-अलग टाइम स्लॉट दिया जा सकता है। हालांकि, छात्रों, शिक्षकों के बीच नोटबुक, पेन, पेंसिल आदि की शेयरिंग नहीं की जाएगी।

3. नहीं होगी प्रार्थना
स्कूलों में प्रार्थना, खेलकूद आदि कार्यक्रम नहीं होंगे। स्कूल-कॉलेजों में स्वीमिंग पूल आदि भी बंद रहेंगे। सभी शिक्षण संस्थानों को हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नंबर भी प्रदर्शित करने होंगे।

4. शिक्षकों के मोबाइल में आरोग्य सेतु आवश्यक
स्कूल में आने वाले शिक्षकों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप होना आवश्यक है। स्कूल में एसी का तापमान 24-30 डिग्री के बीच रहेगा। कमरों में वेंटिलेशन होना चाहिए। थूकने पर सख्त पाबंदी रहेगी।

5. स्कूलों में बनाना होगा आइसोलेशन रूम
कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित स्कूल और शिक्षण संस्थानों को ही खोलने की अनुमति होगी। जो कार्मिक या छात्र कंटेनमेंट जोन के भीतर रह रहे होंगे, उन्हें स्कूल या कालेज आने की अनुमति नहीं होगी। सभी संस्थानों में एक आइसोलेशन रूम भी बनाना होगा, जहां जरूरत पडऩे पर संभावित मरीज को रखा जा सके। स्कूल प्रबंधन को सैनिटाइजर की व्यवस्था पर खास तौर पर फोकस करना होगा।

6. जहां क्वारंटाइन सेंटर बनाया, वहां विशेष फोकस
जिन स्कूलों को प्रवासियों के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया था, वहां स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना होगा। पहले पूरे स्कूल परिसर को सेनेटाइज कराना होगा।

...तो जल्द होगी सिलेबस में कटौती

केंद्र व राज्य सरकार की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि कोरोनाकाल की वजह से स्कूलों में शिक्षण अवधि कम हो गई है। एेसे में सिलेबस में कटौती की जाएगी। यदि कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल २१ सितंबर से खुलते हैं तो उस दिन से स्कूल लगने के दिनों की गणना करते हुए नए तरीके से सिलेबस जारी होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी लगभग पूरी कर ली है।

नए विकल्पों के साथ शुरू करने चाहिए स्कूल
कोरोना के कहर की वजह से फिलहाल देशभर में स्कूल बंद है। केंद्र सरकार की स्वास्थ्य गाइड लाइन के हिसाब से राज्य सरकार को भी विद्यार्थियों के हित में २१ सितंबर से स्कूल खोलने का निर्णय लेना चाहिए।

महेंद्र पांडे, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ

विद्यार्थियों के हित में सरकार लें फैसला

केंद्र व राज्य सरकार ने साफ तौर पर माना है कि कोरोना लंबे समय तक रहेगा। हमें नियमों की पालना के साथ बचाव करते हुए जीने की आदत डालनी होगी। विद्यार्थियों के हित में सरकार को स्कूल खोलने का निर्णय लेना होगा।
डॉ. पीयूष सुण्डा, स्कूल निदेशक, सीकर

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