ठंडे बस्ते में पड़ी सोसायटी पर केन्द्र की नाराजगी, अब चाल तेज करेगी सरकार

— केन्द्रीय कमेटी को एसीएस सिंह ने दिया आश्वासन, जल्द पूरा होगा काम

By: Pankaj Chaturvedi

Published: 26 Aug 2020, 09:21 PM IST

जयपुर. प्रदेश में मनरेगा समेत पांच बड़ी येाजनाओं की स्वतंत्र सोशल आॅडिट पर राजस्थान की धीमी चाल को लेकर केन्द्र सरकार ने नाराजगी जताई है। बीते डेढ़ वर्ष से सरकार सोशल आॅडिट के लिए प्रस्तावित सोसायटी में राज्य से गांव स्तर तक के रिसोर्स पर्सन ही नियुक्त नहीं कर पाई है।
सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों प्रदेश में केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में केन्द्रीय परफोर्मेंस रिव्यु कमेटी ने सोसायटी गठन और आॅडिट नहीं करा पाने के लिए राज्य के आला अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई। इस पर ग्रामीण विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने केन्द्र सरकार को जल्द से जल्द सोसायटी की नियुक्तियां पूरी कर आॅडिट का कार्य शुरु करने का आश्वासन दिया।
सूत्रों ने बताया कि पिछले साल नई दिल्ली मे हुई बैठकों में केन्द्र ने स्पष्ट कर दिया था कि आडिट सोसायटी का काम पूरा नहीं होने पर राज्य की वित्तीय सहायता प्रभावित हो सकती है। इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल ने सोसायटी के गठन को मंजूरी दी और विधानसभा में सरकार ने सामाजिक लेखा परीक्षा जबावदेही एवं पारदर्शिता सोसायटी की घोषणा की। लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

हजारों रिसोर्स पर्सन अभी होने हैं नियुक्त

जानकारों की मानें तो अब भी इस सोसायटी को धरातल पर उतारने के लिए सरकार को भारी मशक्कत करनी है। सोसायटी के तहत प्रदेश के गांवों में 29500 विलेज रिसोर्स पर्सन, 1649 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और 99 डिस्ट्रिक रिसोर्स पर्सन नियुक्त करने हैं। सरकार ने इस साल मार्च में इन नियुक्तियों के लिए नियम—शर्तें जारी किए थे। प्रस्तावित सोसायटी मनरेगा के अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना—ग्रामीण, 14वां वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन—ग्रामीण और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का अंकेक्षण कर सकेगी।

Pankaj Chaturvedi
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